P Sharma
*मरम्मत के बाद खुलेगा घाघरा नदी का संजय सेतु, बाराबंकी-लखनऊ की दूरी घटेगी, रोडवेज को रोज 5 लाख का नुकसान रुका*
*गोंडा:* देवीपाटन मंडल की लाइफ लाइन कहे जाने वाले *संजय सेतु* पर दो माह बाद आज से फिर भारी वाहनों का आवागमन शुरू हो जाएगा। लखनऊ मार्ग पर स्थित घाघरा नदी पर बने इस पुल में मरम्मत कार्य के चलते बीते *16 अप्रैल से* भारी वाहनों की आवाजाही बंद थी।
क्यों बंद था पुल:
घाघरा नदी पर बने संजय सेतु में तकनीकी समस्याएं आने पर मरम्मत कार्य के लिए प्रशासन ने 16 अप्रैल से भारी वाहनों का आवागमन बंद कर दिया था। पुल बंद होने से देवीपाटन मंडल के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई थीं।
वैकल्पिक मार्ग से बढ़ी परेशानी:
मरम्मत के दौरान विकल्प के तौर पर पीपे का पुल से हल्के वाहनों का आवागमन जारी रहा, लेकिन भारी व बड़े वाहनों पर रोक लगी रही। इसके कारण *गोंडा, बलरामपुर, बहराइच, श्रावस्ती* के अलावा *सिद्धार्थनगर और नेपाल* तक के भारी वाहनों को अयोध्या होते हुए बाराबंकी व लखनऊ जाना पड़ रहा था या फिर *सीतापुर के चहलारी घाट* की राह पकड़नी पड़ रही थी।
किराया-समय दोनों बढ़ा:
वैकल्पिक मार्ग लंबा होने से ट्रांसपोर्टरों और यात्रियों को अधिक किराया देना पड़ रहा था। समय भी दोगुना लग रहा था। दूरी बढ़ने से *रोडवेज के यात्री घट गए थे*, जिससे प्रतिदिन *पांच लाख रुपये की चपत* लग रही थी।
अब मिलेगी राहत:
संजय सेतु पर भारी वाहनों का आवागमन शुरू होने से देवीपाटन मंडल के लाखों लोगों को राहत मिलेगी। बाराबंकी और लखनऊ की दूरी कम होगी। ट्रांसपोर्ट खर्च घटेगा और रोडवेज की आय भी बढ़ेगी। व्यापारी वर्ग ने भी इस फैसले का स्वागत किया है।

