P Sharma
*गोंडा* | गर्मी की छुट्टियों के बाद स्कूल खुलते ही शिक्षा विभाग ने निजी विद्यालयों की मनमानी पर लगाम कसने के लिए कमर कस ली है। बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग ने गुरुवार सुबह 11:30 बजे जिले के 1500 से अधिक निजी स्कूलों की संयुक्त जांच कराने का फैसला किया है।
शिक्षा विभाग के अनुसार जिले में कक्षा 8 तक के 1064 मान्यता प्राप्त निजी विद्यालय और 504 माध्यमिक विद्यालय सहित कुल 1568 संस्थानों की चरणबद्ध तरीके से गहन जांच होगी।
*इन बिंदुओं पर होगी जांच*
जांच का मुख्य फोकस शिक्षकों की शैक्षणिक योग्यता और प्रशिक्षण प्रमाणपत्रों का सत्यापन रहेगा। विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि बच्चों को पढ़ाने वाले सभी शिक्षक निर्धारित मानकों के अनुरूप योग्य और प्रशिक्षित हों। बिना योग्यता के शिक्षक पाए जाने पर स्कूल प्रबंधन से जवाब मांगा जाएगा।
इसके साथ ही दाखिले की प्रक्रिया, शुल्क ढांचा, छात्रों की संख्या, कक्षाओं का संचालन, पेयजल, शौचालय, स्वच्छता, सुरक्षा और फायर सेफ्टी की जमीनी हकीकत भी परखी जाएगी। विभाग यह भी देखेगा कि दाखिले के समय अभिभावकों से किए गए वादे और मिल रही सुविधाओं में कितना अंतर है।
*नियम तोड़ने पर होगी कड़ी कार्रवाई*
जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. रामचंद्र और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से बताया कि दोनों विभागों की बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम और मान्यता की शर्तों का पालन हर निजी विद्यालय के लिए अनिवार्य है।
किसी भी स्तर पर नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस अभियान का उद्देश्य निजी स्कूलों में पारदर्शिता बढ़ाना, बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना और अभिभावकों के हितों की रक्षा करना है।

