P Sharma
*राजकोट, गुजरात।*
जिस मां की गोद में बेटा खेला, जिस बाप ने उसे उंगली पकड़कर चलना सिखाया… उसी मां-बाप ने अपने 22 साल के बेटे को मौत के घाट उतार दिया।
घटना राजकोट जिले के *गोंडल तालुका के गुंडाला गांव* की है। यहां चाय की दुकान चलाने वाले *अतुल बंभाव उर्फ बाबू, 47* और उनकी पत्नी *मोटी बंभाव उर्फ मनीषा, 45* ने अपने बेरोजगार बेटे *राम बंभाव, 22* की निर्मम हत्या कर दी।
*शुरू में सबको लगा: आत्महत्या*
29 जून को राम का शव मिला। मां-बाप रो-रो कर कह रहे थे, “बेटे ने एसिड पीकर जान दे दी।” गांव वाले भी मान गए।
लेकिन *फॉरेंसिक पोस्टमार्टम* ने सब झूठ उजागर कर दिया। रिपोर्ट में गला घोंटने के साफ निशान मिले। एसिड से मौत नहीं, दम घोंटकर हत्या हुई थी।
*बहू ने खोली पोल*
मृतक की 20 वर्षीय पत्नी *बंसी* ने पुलिस को सब बता दिया। उसने कहा, “मेरे पति शराबी थे। रोज रात नशे में घर आकर पिता से झगड़ते थे। 29 जून को भी झगड़ा हुआ।”
जांच में सामने आया: *झगड़े के दौरान मां ने जबरन बेटे को एसिड पिलाया। बाप ने उसे पकड़कर गला दबा दिया।* फिर सबूत मिटाने के लिए इसे आत्महत्या बताया गया।
*वजह: रोज की कलह*
पुलिस के मुताबिक, राम बेरोजगार था। शादी को 5 महीने हुए थे। वो रोज शराब के लिए मां-बाप से पैसे मांगता था। पैसे न देने पर मारपीट और गाली-गलौज करता था। इसी तंग आकर मां-बाप ने ये कदम उठाया।
*पुलिस एक्शन:* एसिड की बोतल, खून से सना बिस्तर जब्त। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया।
रिश्ते का खून हो गया। जब मां-बाप ही दुश्मन बन जाएं, तो बेटा कहां जाए?

