गोरखपुर में ‘भरोसेमंद’ किराएदार निकला कातिल: फिरौती के लिए अपहरण, CCTV ने खोला राज

P Sharma 

*सहजनवा, गोरखपुर।* 

विश्वासघात की शर्मनाक घटना। किराए पर रहने वाले एक युवक ने *मकान मालिक के 6 वर्षीय बेटे का अपहरण* कर हत्या कर दी। आरोपित पूरी रात परिजनों और पुलिस के साथ बच्चे को ढूंढने का नाटक करता रहा, लेकिन *CCTV फुटेज* ने उसका खौफनाक सच उजागर कर दिया।

*क्या हुआ था?* 

*पिपरा नई कॉलोनी* निवासी *विनय सिंह उर्फ कन्हैया* धागा फैक्ट्री में काम करने के साथ घर पर किराना दुकान चलाते हैं। उनका *6 वर्षीय पुत्र अंशुमान* गुरुवार शाम करीब 5 बजे फुल्की खाने घर से निकला और वापस नहीं लौटा। 

देर शाम तक पता न चलने पर दादा *सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य जयप्रकाश सिंह* ने शाम 7:30 बजे सहजनवा थाने में *अपहरण का मुकदमा* दर्ज कराया। पुलिस और परिवार पूरी रात बच्चे की तलाश में जुटे रहे। 

*कैसे खुला राज?* 

इस दौरान मकान में किराये पर रह रहा *कल्पेश राय* भी तलाश में साथ लगा रहा। शुक्रवार दोपहर घर से 200 मीटर दूर एक मैरिज हाल के *CCTV में अंशुमान कल्पेश के साथ जाता दिखा*। पुलिस ने उसे हिरासत में लिया।

पूछताछ में कल्पेश टूट गया। उसने बताया कि *फिरौती वसूलने* के लिए उसने अंशुमान का अपहरण किया था। हाथ-पैर बांधकर उसे *लुचुई रेलवे ओवरब्रिज के पास बंद पड़े मकान* में छिपाया। इसी दौरान बच्चे का सिर दीवार से टकरा गया और उसकी मौत हो गई। घबराकर वह शव वहीं छोड़कर घर आ गया। 

पुलिस ने कल्पेश की निशानदेही पर *मकान के पीछे से शव बरामद* कर लिया। 

*आरोपित कौन था?* 

*संतकबीरनगर के डबरा गांव* निवासी कल्पेश गीडा की धागा फैक्ट्री में मजदूरी करता था। हाल में नौकरी छूटने और आर्थिक तंगी के चलते उसने यह साजिश रची। करीब डेढ़ माह पहले ही उसने प्रेम विवाह कर विनय सिंह के मकान में डेरा डाला था। 

*पुलिस का पक्ष* 

*एसपी डॉ. कौस्तुभ* मौके पर पहुंचे। पुलिस के अनुसार, घटना की *वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों* के आधार पर जांच हो रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के सही कारण स्पष्ट होंगे। 

 

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