नई दिल्ली। देशभर के निजी और सरकारी स्कूलों में पढ़ा रहे 10 लाख से अधिक शिक्षकों के लिए बड़ी खबर है हाई कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले के बाद इन शिक्षकों के लिए केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा अर्थात CTET पास करना जरूरी होगा हाई कोर्ट द्वारा दिए गए महत्वपूर्ण फैसले में कोई भी शिक्षक शिक्षक पात्रता परीक्षा को पास किए बिना अपनी सेवा को आगे बरकरार नहीं रख सकेगा।

देश भर के निधि और सरकारी स्कूलों में पढ़ा रहे शिक्षकों के लिए हाई कोर्ट द्वारा बड़ा आदेश दिया गया है हाई कोर्ट द्वारा अब सभी शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करना जरूरी होगा साथ ही यह नियम पुराने शिक्षकों के साथ-साथ नई भर्तियों में भी लागू किया जाएगा हाई कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश के बाद लगभग 5 से 10 लाख के बीच कार्यरत शिक्षकों पर असर पड़ सकता है।

हाई कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले में एनसीटीई को आदेशित किया गया है जिसमें कहा गया है कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद चार सप्ताह के भीतर देश भर में इस परीक्षा के आयोजन को लेकर योजना तैयार करें इस कार्य योजना की विस्तृत जानकारी एक कल्पना में के साथ पीठ के समक्ष पेश करनी होगी एनसीटीई को जल्द से जल्द सख्त कदम उठाने होंगे इसके लिए पीठ ने कहा है की नर्सरी से आठवीं तक के शिक्षकों की नियुक्ति और पुराने शिक्षकों की सेवा को बरकरार रखने के लिए एनसीटीई को जल्द से जल्द सख्त कदम उठाने होंगे पीठ द्वारा दिए गए आदेश में कहा गया है कि बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए शिक्षा के अधिकार अधिनियम की धारा 23(2) लोगों को लागू करना जनहित में जरूरी होगा।हाई कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले में कहा गया है कि जो शिक्षक सालों से पढ़ रहे हैं और उन्होंने एनसीटीई द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थाओं से कोई भी शिक्षक कोर्स जैसे B.Ed या कोई अन्य डिग्री डिप्लोमा नहीं किया है तो उन्हें दोबारा किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से शिक्षक संबंधी डिप्लोमा डिग्री जैसे B.Ed या अन्य डिप्लोमा करना होगा ऐसा करने के लिए इन सभी शिक्षकों को समय दिया जाएगा बीएड या डिप्लोमा डिग्री लेने के बाद इन सभी शिक्षकों को सीटेट परीक्षा पास करनी होगी।

इसके बाद ही वह अपनी सेवा को विद्यालय में जारी रख सकते हैं अन्यथा ऐसे सभी शिक्षक कक्षा एक से आठ तक के विद्यालयों में शिक्षण कार्य नहीं कर सकेंगे।हाई कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश के बाद राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद ने 23 अगस्त 2010 की अधिसूचना के खंड 4 में संशोधन किया मगर कक्षा 1 से आठवीं तक के लिए शिक्षक की नियुक्ति करते समय न्यूनतम योग्यता माफ कर दी जा रही है यदि उसे शिक्षक की नियुक्ति अधिसूचना जारी होने से पहले हुई थी जनहित याचिका में कहा गया है कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद का यह निर्णय छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है हाई कोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और सभी शिक्षकों को सीटेट परीक्षा पास करने का आदेश दिया है तभी वे सब अपनी नौकरी बचा सकेंगे नई नियुक्तियों मे भी इस नियम का पालन किया जाएगा इसके लिए एनसीटी द्वारा 4 सप्ताह में देश भर में परीक्षा की योजना तैयार की जाएगी

