P Sharma
लखनऊ।एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां एक शौहर ने अपनी ही शरीक-ए-हयात (पत्नी) को मौत के घाट उतार दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पति ने साक्ष्य छुपाने के लिए शव को एक बैग में पैक किया और इंदिरा नहर में फेंक दिया। इतना ही नहीं, पुलिस को गुमराह करने के लिए वह खुद ही पत्नी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने थाने पहुंच गया। हालांकि, उसकी एक चालाकी ने ही उसे सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी की पहचान अल्ताफ के रूप में हुई है, जबकि मृतका उसकी पत्नी यास्मीन थी। पिछले कुछ समय से अल्ताफ और यास्मीन के बीच घरेलू विवाद चल रहा था। अल्ताफ को अपनी पत्नी के चरित्र पर शक था। उसे लगता था कि यास्मीन का किसी अन्य व्यक्ति के साथ प्रेम प्रसंग (अफेयर) चल रहा है। इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर झगड़े होते रहते थे।
घटना वाले दिन भी इसी बात को लेकर विवाद इतना बढ़ा कि अल्ताफ अपना आपा खो बैठा। उसने गुस्से में आकर यास्मीन का गला दबा दिया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
हत्या के बाद पकड़े जाने के डर से अल्ताफ ने शातिर अपराधियों की तरह साजिश रची। उसने यास्मीन के शव को एक बड़े बैग में बंद किया और सुनसान रास्ता देखकर उसे इंदिरा नहर में बहा दिया।
इसके बाद खुद को बेकसूर साबित करने के लिए वह सीधे स्थानीय थाने पहुंचा और पुलिस को तहरीर दी कि उसकी पत्नी घर से बिना बताए कहीं चली गई है और लापता है। पुलिस ने उसकी शिकायत पर गुमशुदगी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
जांच के दौरान जब पुलिस ने अल्ताफ से यास्मीन के गायब होने के समय और परिस्थितियों को लेकर पूछताछ की, तो वह घबरा गया। पुलिस के तीखे सवालों के सामने वह बार-बार अपने बयान बदलने लगा। कभी वह कहता कि पत्नी बाजार गई थी, तो कभी कहता कि वह बिना बताए मायके के लिए निकली थी।
अल्ताफ के बयानों में विरोधाभास देखकर पुलिस का शक गहरा गया। जब पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की, तो वह टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
पुलिस ने आरोपी अल्ताफ को हत्या और साक्ष्य मिटाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस और गोताखोरों की टीम इंदिरा नहर में यास्मीन के शव और उस बैग को तलाशने में जुटी है।

