Pramod Sharma
हापुड़:इरशाद और अंजू की डेढ़ साल पूर्व दोस्ती हुई थी।आरोपी इरशाद टाइल्स का काम करता है। उसकी मुलाकात विधवा अंजू से हुई थी। अंजू घरों में काम करती थी। दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए और नियमित रूप से मिलने लगे। इरशाद अपनी ज्यादातर कमाई अंजू पर खर्च करता था।
पिछले कुछ समय से अंजू लगातार इरशाद से पैसे मांग रही थी। वह दुर्व्यवहार भी करती थी। कई बार उसने इरशाद को फंसाने की धमकी भी दी। इससे मानसिक रूप से परेशान होकर इरशाद ने हत्या की योजना बनाई। 14 अप्रैल को इरशाद चाकू और दरांती लेकर अंजू को शिवगढ़ी श्मशान घाट के पास ले गया। पहले चाकू और फिर दरांती से अंजू की हत्या कर दी। शव को कूड़े के ढेर के पास फेंक दिया। सबूत मिटाने के लिए दरांती और मोबाइल को नाले में फेंक दिया। पुलिस ने साक्ष्य जुटाकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।पुलिस जांच में जुटी है।

