P Sharma
गोंडा। इटियाथोक क्षेत्र के नारेमहरीपुर गांव में सोमवार सुबह एक घर से 18 बेबी कोबरा निकलने से इलाके में हड़कंप मच गया।
मामला मोहम्मद इरफान के घर का है। सुबह करीब 8 बजे जब इरफान स्नानघर पहुंचे तो वहां उन्हें 2 बेबी कोबरा दिखे। घबराकर बाहर आए तो मुख्य द्वार पर 3 और सांप बैठे मिले। इसके बाद घर के अलग-अलग हिस्सों में सांप दिखाई देने लगे।
सूचना पर स्पेक्टेकल्ड कोबरा रेस्क्यू दल के स्नेक कैचर *अरुण गोस्वामी उर्फ बाबा* मौके पर पहुंचे। करीब 4 घंटे की मेहनत के बाद उन्होंने घर से कुल *18 कोबरा के बच्चों* को सुरक्षित रेस्क्यू किया।
रेस्क्यू के बाद सभी सांपों को करनैलगंज क्षेत्र के पास झाड़ियों में सुरक्षित छोड़ दिया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। हालांकि इस मामले में वन विभाग को सूचना नहीं दी गई।
*बेबी कोबरा ज्यादा खतरनाक*
अरुण गोस्वामी ने बताया कि बेबी कोबरा बड़े कोबरा की तुलना में ज्यादा खतरनाक हो सकते हैं। क्योंकि उनमें खतरे को समझने की क्षमता कम होती है और काटने पर वे ज्यादा जहर छोड़ सकते हैं।
*बरसात में बरतें सावधानी*
उन्होंने लोगों से अपील की कि बरसात में घर के आसपास कचरा न जमा होने दें। सोने से पहले बिस्तर झाड़ें, जूते-चप्पल पहनने से पहले जांचें और बोरे-बिस्तर इस्तेमाल से पहले देख लें। जहरीला सांप दिखे तो उसे पकड़ने की कोशिश न करें, बल्कि स्नेक कैचर या संबंधित विभाग को सूचना दें।
रेस्क्यू पूरा होने के बाद परिवार ने राहत की सांस ली।

