P Sharma
देशभर में गैस और ईंधन की किल्लत को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच सरकार ने बड़ा बयान दिया है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने साफ किया है कि भारत में एलपीजी (रसोई गैस) की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है और किसी तरह का “ड्राई आउट” यानी स्टॉक खत्म होने का खतरा नहीं है। हालांकि, सरकार ने लोगों को अफवाहों से बचने और घबराकर बुकिंग न करने की सलाह दी है।
गैस स्टॉक को लेकर क्या है सच्चाई?
पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा के मुताबिक देश में कच्चे तेल और रिफाइनरी ऑपरेशन पूरी तरह सामान्य हैं। सरकार हर स्तर पर कोशिश कर रही है कि घरेलू उपभोक्ताओं को गैस की कमी का सामना न करना पड़े। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले कुछ दिनों में पैनिक बुकिंग कम हुई है, लेकिन कई जगह अभी भी डिस्ट्रीब्यूटर के पास लाइनें देखी जा रही हैं। सरकार का दावा है कि एलपीजी की सप्लाई चेन मजबूत है और पेट्रोल पंपों पर भी तेल की कमी नहीं होने दी जाएगी।
PNG कनेक्शन को बढ़ावा, 7 दिन में मिलेगा अब नया कनेक्शन
सरकार अब एलपीजी पर निर्भरता कम करके पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) को तेजी से बढ़ावा दे रही है। पिछले एक हफ्ते में करीब 1.25 लाख नए PNG कनेक्शन दिए गए हैं। राज्यों को निर्देश दिया गया है कि PNG के नए आवेदन एक हफ्ते के भीतर यानी 7 दिन के भीतर मंजूर किए जाएं। साथ ही कमर्शियल यूजर्स को PNG अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। सरकार ने यह भी बताया कि पिछले कुछ दिनों में हजारों एलपीजी उपभोक्ता PNG में शिफ्ट हो चुके हैं।
”सरकार ने घरेलू एलपीजी और पीएनजी उपभोक्ताओं को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी है। इसके साथ ही केरोसीन और कोयले जैसे वैकल्पिक ईंधन का भी इंतजाम किया गया है। राज्यों और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को इन विकल्पों की अनुमति देने के लिए कहा गया है। कोयला मंत्रालय ने भी राज्यों को ज्यादा कोयला देने के आदेश दिए हैं ताकि छोटे और मध्यम उपभोक्ताओं को दिक्कत न हो। सरकार ने PPAC को नोडल एजेंसी बनाया है, जो पेट्रोलियम और गैस से जुड़ी पूरी जानकारी जुटाएगी और उसका विश्लेषण करेगी। सरकार हर स्तर पर काम कर रही है ताकि एलपीजी की सप्लाई में कोई कमी न आए। लोगों से अपील है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और सिर्फ आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।”
वैकल्पिक उपाय
सरकार ने वैकल्पिक ईंधनों की व्यवस्था भी शुरू कर दी है। केरोसीन और कोयले को विकल्प के तौर पर इस्तेमाल की अनुमति दी गई है। कोयला मंत्रालय ने कोल इंडिया और सिंगरेनी को निर्देश दिए हैं कि राज्यों को ज्यादा मात्रा में कोयला उपलब्ध कराया जाए ताकि छोटे और मध्यम उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।
विदेश मंत्रालय और शिपिंग मंत्रालय मिलकर अंतरराष्ट्रीय सप्लाई पर नजर रखे हुए हैं। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि विदेशों से आने वाली गैस और ईंधन की सप्लाई में कोई रुकावट न आए।
इस संकट के बीच साइबर ठग भी सक्रिय हो गए हैं। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि लोगों के मोबाइल पर “गैस बिल APK फाइल” के नाम से फर्जी लिंक भेजे जा रहे हैं। इन लिंक पर क्लिक करने और बैंक डिटेल भरने से आपका अकाउंट खाली हो सकता है। ऐसे किसी भी मैसेज से दूर रहें और तुरंत पुलिस को जानकारी दें।
ऑनलाइन बुकिंग और स्थिति पर अपडेट
उन्होंने बताया कि अब करीब 94% लोग ऑनलाइन गैस बुकिंग कर रहे हैं। पैनिक बुकिंग कम हुई है, लेकिन अभी भी कई जगह डिस्ट्रीब्यूटर पर लाइनें देखी जा रही हैं। सरकार लगातार कोशिश कर रही है कि हर घर तक गैस पहुंचे। इसलिए लोगों को अफवाहों से दूर रहना चाहिए और ऑनलाइन बुकिंग को प्राथमिकता देनी चाहिए।
स्टॉक की स्थिति
उन्होंने साफ कहा कि कच्चे तेल और रिफाइनरी का काम सामान्य चल रहा है और गैस खत्म होने जैसी कोई स्थिति नहीं है। पिछले तीन दिनों में 5600 से ज्यादा घरेलू उपभोक्ता पीएनजी में शिफ्ट हुए हैं। करीब 17 राज्यों ने कमर्शियल एलपीजी के लिए आवंटन आदेश जारी कर दिए हैं और देशभर में इसकी सप्लाई जारी है।

