P Sharma
*फिरोजाबाद कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, “दुर्लभ से दुर्लभतम” मानकर सुनाई मौत की सजा*
*फिरोजाबाद।* उत्तर प्रदेश में एक बार फिर फास्ट ट्रैक कोर्ट ने अपनी रफ्तार से न्याय की मिसाल पेश की है। फिरोजाबाद की अदालत ने डेढ़ साल के मासूम आरव की निर्मम हत्या के आरोपी विराज पाठक को अपराध के महज *41 दिन* के अंदर फांसी की सजा सुना दी। कोर्ट ने इस जघन्य वारदात को “दुर्लभ से दुर्लभतम” श्रेणी का अपराध करार दिया।
*चॉकलेट के बहाने ले गया, 8 बार पटका*
घटना 30 मई 2026 को शिकोहाबाद की यादव कॉलोनी की है। पुलिस के मुताबिक आरोपी विराज पाठक, पीड़िता रति का देवर था। वह रति से एकतरफा प्रेम करता था और मासूम आरव को अपने रास्ते की बाधा मानता था।
वारदात वाले दिन वह आरव को चॉकलेट दिलाने के बहाने घर से ले गया और सुनसान जगह पर ले जाकर उसे *लगातार आठ बार जमीन पर पटक दिया*। गंभीर चोटों से मासूम की मौके पर ही मौत हो गई।
*5 घंटे में मुठभेड़ में गिरफ्तारी*
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई। करीब 5 घंटे के भीतर आरोपी की घेराबंदी की गई। गिरफ्तारी के दौरान हुई मुठभेड़ में आरोपी के पैर में गोली लगी और उसे दबोच लिया गया।
*त्वरित विवेचना बनी जीत की वजह*
पुलिस की त्वरित विवेचना, समय पर दाखिल चार्जशीट और अभियोजन की मजबूत पैरवी के चलते कोर्ट ने रिकॉर्ड समय में सुनवाई पूरी की।
फैसला सुनाते हुए न्यायालय ने कहा कि “एक असहाय मासूम के साथ की गई यह बर्बरता समाज को झकझोरने वाली है। ऐसे अपराधों में कठोरतम दंड ही न्यायोचित है।”

