P Sharma
“माँ, इस बार एक दिया मेरे नाम का भी जला देना… शायद ये मेरी आखिरी दिवाली है”
दिवाली आ रही है। हर घर में रोशनी होगी। बच्चे पटाखे जलाएंगे। माँ लक्ष्मी की पूजा होगी। मिठाई बंटेगी।
लेकिन एक घर में एक 21 साल का लड़का खिड़की से बाहर देखकर सोच रहा है – क्या ये रोशनी मैं आखिरी बार देख रहा हूं?
स्टेज-4 कैंसर से जूझ रहे इस युवक ने दिवाली से पहले Reddit पर एक भावुक पोस्ट शेयर की। पोस्ट पढ़कर हज़ारों लोगों की आंखें भर आईं।
उसने लिखा – साल 2023 में मुझे पता चला कि मुझे कोलोरेक्टल कैंसर है। बड़ी आंत का कैंसर। तब से अब तक मैं कीमोथेरेपी के कई दौर से गुजरा। कई बार अस्पताल में भर्ती हुआ। सुईयों का दर्द सहा। बाल झड़ते देखे। रात-रात भर दर्द में तड़पता रहा।
मैं लड़ता रहा… हर बार सोचा, इस बार ठीक हो जाऊंगा।
लेकिन अब डॉक्टरों ने कह दिया है – अब इलाज के कोई और विकल्प उपलब्ध नहीं हैं।
सोचिए… 21 साल की उम्र में जब डॉक्टर ये कहते हैं, तो एक बेटे के दिल पर क्या बीतती होगी? और उसकी माँ के दिल पर क्या बीतती होगी, जो रोज़ अपने बेटे को तिल-तिल कर गलते हुए देख रही है?
उसने अपने अधूरे सपने भी लिखे…
उसे घूमना था। दुनिया देखनी थी। पहाड़ों पर जाना था।
उसे अपना बिजनेस शुरू करना था। अपने पापा को गर्व महसूस कराना था।
और उसे एक कुत्ता गोद लेना था। एक छोटा सा दोस्त, जो उसे बिना शर्त प्यार करता।
कितने छोटे-छोटे, कितने मासूम सपने थे उसके…
हम लोग रोज़ शिकायत करते हैं – ये नहीं मिला, वो नहीं मिला। ज़िंदगी बोरिंग है। और वो लड़का ज़िंदगी की एक-एक सांस के लिए तरस रहा है।
उसकी पोस्ट के बाद इंटरनेट पर लोगों का दिल पिघल गया। किसी ने लिखा – भाई, हिम्मत रख हम तेरे साथ हैं। किसी ने लिखा – तेरे सपने हमारे सपने हैं।
दोस्तों, इस दिवाली जब आप दिया जलाएं, तो एक दिया उस लड़के के नाम का भी जला देना। उसके लिए दुआ कर देना।
क्योंकि शायद उसकी ये दिवाली, हमारी हज़ार दिवालियों से ज़्यादा कीमती है।
वो मरना नहीं चाहता… वो बस जीना चाहता है।
भगवान, अगर तू सुन रहा है, तो इस बच्चे को एक मौका और दे दे… एक दिवाली और दे दे…

