बेटा, बस थोड़ा और रुक जा…” पिता हाथ जोड़ता रहा, जाम में दम तोड़ गया सिपाही बेटा

P Sharma

फतेहपुर में डंपर ने मारी थी टक्कर, रैली के जाम में डेढ़ घंटे फंसी रही एंबुलेंस, अस्पताल पहुंचने से पहले ही थम गईं सांसें

कानपुर

कानपुर के सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल एक सिपाही की जिंदगी एंबुलेंस में ही दम तोड़ गई। वजह बनी सड़कों पर लगी जाम की लंबी कतारें।

फतेहपुर में डंपर की टक्कर से गंभीर घायल हुए सिपाही को लेकर एंबुलेंस करीब डेढ़ से दो घंटे तक जाम में फंसी रही। आरोप है कि भाजपा की लोकतंत्र बचाओ रैली के चलते शहर में जगह-जगह भीषण जाम लगा था।

एंबुलेंस को रास्ता दिलाने के लिए घायल सिपाही के पिता कभी भीड़ के सामने हाथ जोड़ते तो कभी ट्रैफिक पुलिसकर्मियों से गुहार लगाते रहे।

ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी भी एंबुलेंस निकलवाने के लिए मशक्कत करते रहे, लेकिन जाम के आगे किसी की कोशिश काम नहीं आई। आखिरकार अस्पताल पहुंचने से पहले ही एंबुलेंस में बेटे की सांसें थम गईं।

एक पिता अपने बेटे को बचाने के लिए हाथ जोड़ता रहा… भीड़ देखती रही… जाम खुला नहीं… और एक जवान बेटा एंबुलेंस में ही हमेशा के लिए सो गया।

आज सवाल ये है… क्या एक रैली, एक बेटे की जिंदगी से बड़ी थी?

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