P Sharma
जांच में खुला फर्जीवाड़ा, कहार जाति की शिक्षिका ने ST का प्रमाण पत्र बनवाकर लिया था आरक्षण का लाभ, FIR के भी आदेश
सिद्धार्थनगर
उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में फर्जी अनुसूचित जनजाति (ST) प्रमाण पत्र के आधार पर 16 साल तक नौकरी करने वाली शिक्षिका सुनैना गौड़ को बर्खास्त कर दिया गया है। उनसे अब तक मिले पूरे वेतन की वसूली के आदेश दिए गए हैं।
शिक्षिका प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापिका / सहायक अध्यापिका के पद पर कार्यरत थीं।
जांच में सामने आया कि शिक्षिका का परिवार असल में ‘कहार’ जाति से है, जो उत्तर प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के अंतर्गत आती है। उन्होंने अनुसूचित जनजाति (ST) का फर्जी प्रमाण पत्र बनवाकर आरक्षण का लाभ लिया और नौकरी हासिल की।
जिला स्तरीय समिति की जांच के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) ने शिक्षिका को बर्खास्त कर दिया है। जिलाधिकारी की समिति ने जुलाई 2026 में ही उनका यह फर्जी जाति प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया था।
बेसिक शिक्षा विभाग ने शिक्षिका की नियुक्ति की तारीख से लेकर अब तक करीब 16 साल में मिले पूरे वेतन की सरकारी खजाने में वसूली (रिकवरी) करने का कड़ा आदेश जारी किया है। इसके साथ ही संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) को आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज कराने और मानव संपदा पोर्टल पर कार्रवाई दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।

