Pramod Sharma
गोंडा।मंडल मुख्यालय की इकलौती ब्लड कलेक्शन और ट्रांसपोर्टेशन वैन की हालत खराब है।यह वैन पूरे मंडल में ब्लड डोनेट करने वाले का कलेक्शन करती है और फिर ब्लड बैंक में जमा करती है।अगर इसकी कीमत की बात की जाय तो लगभग एक करोड़ की कीमत है,परंतु यह वैन प्रशानिक उपेक्षा की शिकार है।
इस वैन के टायर जर्जर है जो कभी भी ब्रस्ट हो सकत है। काउच यानि जिस पर ब्लड डोनेट करने वाला लेटता है,वो भी टूटा हुआ है। वैन की ए सी खराब है,फ्रीज जो की ब्लड को स्टोर करने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है,वो भी खराब है।अगर ब्लड बैंक के कर्मचारियों को कही से ब्लड लाना होता है,तो बर्फ लगा कर लाते है।अब इससे भी दयनीय दशा और क्या हो सकती है,यह ब्लड चार घंटे में ब्लड बैंक पहुंचाना होता है अन्यथा ब्लड खराब हो सकता है।ब्लड को मिक्सर करने वाला इंस्ट्रूमेंट भी खराब है।अगर देखा जाय तो पूरे वैन की स्थित बिल्कुल ठीक नही है।
वैन का इंश्योरेंस भी नही है,यद्यपि इस वैन के मेंटेनेंस के प्रत्येक वर्ष भारी भरकम धन आता है,फिर भी इस वैन की मरमत नही कराई गई है। यह वैन पूरे मंडल में ब्लड कलेक्शन के लिए भेजी जाती है, अगर रास्ते में जाम में वैन 4 घंटे या इससे अधिक समय के लिए फंस जाए तो कलेक्ट ब्लड भी खराब हो सकता है।इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से कई बार किया गया है,परंतु वैन की मरम्मत नहीं हो सकी है।

