गोरखपुर: एस पी की बहुत बड़ी कार्यवाही,थाना प्रभारी,चौकी इंचार्ज,SSI निलंबित,गंभीर मामले में मामूली धारा लगाने पर कार्यवाही

P Sharma 

विरोधी पक्ष से मैनेज हुई पुलिस,गंभीर मामले में सामान्य धारा लगाना पड़ा मंहगा

गोरखपुर। पुलिस को मुकदमा दर्ज करने में खेल करना महंगा पड़ गया, मामला तिवारीपुर थाने का है। इस आरोप की जब SSP राजकरन नैय्यर ने जांच कराई तो मामला सही निकला, इसके बाद तत्काल प्रभाव से SSP ने तिवारीपुर थाना प्रभारी गौरव वर्मा, चौकी इंजार्च अखिलेश तिवारी और एसएसआई संतोष सिंह को रविवार देर रात निलंबित कर दिया।

 मुकदमा में नहीं लगाई गंभीर धारा

बता दें कि पुलिसकर्मियों ने एक मारपीट और छेड़खानी के मामले में केस दर्ज करते समय हत्या का प्रयास की धारा नहीं लगाई। आरोपियों को फायदा पहुंचाते हुए गैर इरादतन की धारा लगाई थी। SSP राज करन नय्यर को जब इस बात की जानकारी हुई, उन्होंने तत्काल थाना प्रभारी, चौकी इंचार्ज और एसआई को निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय जांच बैठा दी है। वहीं जांच में लापरवाही सामने आने के बाद हत्या के प्रयास की धारा बढ़ाकर चार आरोपियों को जेल भेजा गया।

जानकारी के मुताबिक तिवारीपुर थाना क्षेत्र के सूर्य विहार इलाके में रहने वाली किशोरी की मां ने केस दर्ज कराया था। आरोप था कि पड़ोस के लोगों ने बेटी को बुरी तरह से पीटा, जिससे वह बेहोश हो गई। बचाने गई बहन को भी पीट कर घायल कर दिया। इस दौरान छेड़खानी भी की गई।

पुलिस के पास मामला पहुंचा तब पुलिस ने केस तो दर्ज किया लेकिन विरोधी पक्ष से मैनेज कर मामले का अल्पीकरण कर दिया और आरोपियों का शांतिभंग में चालान किया था। 24 अगस्त को हुई घटना की SSP ने जांच कराई तो तिवारीपुर थानेदार गौरव वर्मा, सूर्य विहार चौकी इंचार्ज अखिलेश तिवारी और एसएसआई संतोष सिंह की लापरवाही सामने आई। इसके बाद तीनों पुलिसकर्मियों पर एसएसपी ने कार्रवाई करते हुए विभागीय जांच बैठा दी है।

घटना में हत्या के प्रयास की धारा बढ़ाते हुए चार आरोपियों मो. अतीफ उर्फ शिब्बू उसके भाई मो वसीम, मां शबनम पत्नी मो. अतीफ उर्फ शब्बू और हसीना पत्नी मो. वसीम निवासी सूर्यविहार को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेजवा दिया है।दलालों का अड्डा बन चुका है चौकी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *