P Sharma
मुख्य विकास अधिकारी ने अभ्युदय कोचिंग सेंटर का किया निरीक्षण
छात्रों को यूपीएससी की तैयारी पर मिला प्रत्यक्ष मार्गदर्शन
नवागत अधिकारियों को बुलाने के दिए निर्देश
अभ्युदय योजना से मेधावी छात्रों को मिल रहा सुनहरा अवसर
गोण्डा।प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत जनपद गोण्डा में स्थापित अभ्युदय कोचिंग केन्द्र प्रतिभाशाली छात्रों के लिए नए अवसरों का द्वार खोल रहा है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के मेधावी छात्र-छात्राओं को उच्चस्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे कि यूपीएससी, यूपीपीएससी, एसएससी, जेईई आदि की नि:शुल्क कोचिंग उपलब्ध कराना है, ताकि आर्थिक तंगी उनकी प्रतिभा की राह में बाधा न बने।
इसी क्रम में शुक्रवार को मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) ने गोण्डा के श्री लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय में संचालित अभ्युदय कोचिंग केन्द्र का निरीक्षण किया। इस दौरान वे दोपहर 2 बजे से 3:30 बजे तक कक्षाओं में उपस्थित रहीं और यूपीएससी की तैयारी कर रहे छात्रों से संवाद स्थापित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की रणनीति, अध्ययन पद्धति और समय प्रबंधन पर विशेष मार्गदर्शन दिया।
सीडीओ ने छात्रों से बातचीत करते हुए कहा कि निरंतर परिश्रम, अनुशासन और सकारात्मक सोच ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे नियमित अध्ययन के साथ-साथ समाचार पत्रों और समसामयिक घटनाओं पर विशेष ध्यान दें, ताकि सामान्य अध्ययन में उनकी पकड़ मजबूत हो। उन्होंने छात्रों का उत्साहवर्धन करते हुए यह भी कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य और आत्मविश्वास बनाए रखना आवश्यक है।
निरीक्षण के दौरान सीडीओ ने जिला समाज कल्याण अधिकारी को निर्देशित किया कि हाल ही में विभिन्न आयोगों से चयनित नवागत अधिकारियों की सूची तैयार की जाए। इन अधिकारियों को समय-समय पर अभ्युदय कोचिंग केन्द्र में बुलाकर विद्यार्थियों से संवाद कराया जाएगा। इससे छात्रों को प्रेरणा और वास्तविक अनुभव प्राप्त होगा तथा वे सफलता की ओर और अधिक दृढ़ता से अग्रसर हो सकेंगे।
गौरतलब है कि नि:शुल्क कोचिंग की यह व्यवस्था उन विद्यार्थियों के लिए वरदान साबित हो रही है, जिन्हें निजी संस्थानों में महंगी कोचिंग प्राप्त करने का अवसर नहीं मिलता। इस पहल से शिक्षा के अवसर समान रूप से उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
अभ्युदय योजना के माध्यम से न केवल गोण्डा जिले में प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं की तैयारी का माहौल सुदृढ़ हो रहा है, बल्कि भविष्य के प्रशासनिक अधिकारी, अभियंता और अन्य पेशेवर भी तैयार हो रहे हैं। यह पहल निश्चित रूप से प्रदेश के शैक्षिक और सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगी।

