P Sharma
गाजीपुर। सपा प्रतिनिधिमंडल और गांववालों के बीच जमकर पत्थर चले। सपा का प्रतिनिधिमंडल एक पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचा था, लेकिन गांववालों ने उन्हें गांव के बाहर रोक दिया। इस दौरान हुए झगड़े के बाद पत्थरबाजी हुई। इसमें पूर्व मंत्री का रामआसरे विश्वकर्मा के सिर पर गंभीर चोट लगी। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
दरअसल, 15 अप्रैल को 16 साल की लड़की निशा विश्वकर्मा का शव जमानिया पुल के पास नदी में मिला था। पुलिस की जांच में यह मामला हत्या का निकला। इसके बाद एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
निशा की मौत के बाद से ही गांव में तनाव का माहौल था। इसी बीच, बुधवार को सपा का प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिलने कटरिया गांव जा पहुंचा।
गांववालों ने जब सपा प्रतिनिधिमंडल को रोका, तो वे लोग वहीं धरने पर बैठ गए। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच पहले जुबानी बहस शुरू हुई। धीरे-धीरे मामला बिगड़ने लगा और पत्थरबाजी होने लगी। इसमें पूर्व मंत्री रामआसरे विश्वकर्मा, जंगीपुर से सपा विधायक डॉ. वीरेंद्र यादव, रीना यादव और बिंदुबाला बिंद घायल हो गए।
गाजीपुर के कटरिया गांव में 14-15 अप्रैल की रात एक 16 साल की लड़की निशा शर्मा की गंगा नदी में कूदने से मौत हो गई थी। इस घटना के बाद से गांव में लगातार तनाव की स्थिति बनी है।
निशा के पिता सियाराम शर्मा की शिकायत पर पुलिस ने 2 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। जांच के बाद पुलिस ने एक आरोपी हरिओम पांडेय को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
इसी बीच, घटना को लेकर सोशल मीडिया पर जातीय आधार पर टिप्पणियां करने का मामला सामने आया था। आरोप है कि कुछ असामाजिक तत्वों ने ब्राह्मण समाज को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं, जिससे सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो गया था।
इस पूरी घटना पर सपा सुप्रीमों ने कहा है कि, गाजीपुर, करंडा, कटारिया गांव में विश्वकर्मा समाज की एक युवती की संदिग्ध मौत के मामले में पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल व सपा कार्यकर्त्ताओं के साथ-साथ सत्ता पोषित वर्चस्ववादी गांव के प्रधान द्वारा पुलिस पर भी पथराव व प्राणघातक हमला किया गया। दोषियों को तुरंत गिरफ़्तार करके, उन के ख़िलाफ़ दंडात्मक कार्रवाई हो।
इस हमले में माननीय पूर्व मंत्री श्री राम आसरे विश्वकर्मा जी समेत कई लोग घायल हुए हैं।

