रामपुर:यूपी के रामपुर जिले के स्वार कोतवाली में पिछले दो वर्षों से तैनात उप निरीक्षक नायाब खान ने कोतवाली परिसर के अपने सरकारी आवास में फांसी के फंदे से लटक कर जान दे दी। पुलिस कर्मियों ने काफी देर तक कमरे का दरवाजा न खुलने पर खिड़की से झांक कर देखा तो उनके होश उड़ गए। तत्काल इसकी सूचना प्रभारी निरीक्षक और पुलिस के उच्च अधिकारियों को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर घटना का बारीकी से निरीक्षण किया।रामपुर जिले के स्वार कोतवाली में तैनात 1995 बैच के सब इंस्पेक्टर नायाब खान ने कोतवाली परिसर के अपने सरकारी आवास में फांसी के फंदे से लटक कर जान दे दी। बताया जाता है कि आत्महत्या करने से पहले उन्होंने अपना मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया। और इसके बाद कमरे का दरवाजा बंद कर दिया। पुलिस को जानकारी होते ही कोतवाली परिसर में हड़कंप मच गया।इसकी सूचना दी गई। जहां मौके पर पहुंचे रामपुर एस.पी विद्यासागर मिश्र, अपर पुलिस अधीक्षक अतुल श्रीवास्तव ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। तथा परिजनों को घटना की जानकारी दी गई। वहीं पुलिस इस घटना की जांच में जुट गई।फर्रुखाबाद जिले के रहने वाले सब इंस्पेक्टर नायाब खान 1995 में बने थे दरोगा। मूल रूप से फर्रुखाबाद जिले के कायमगंज तहसील के थाना कम्पिल के रहने वाले सब इंस्पेक्टर नायाब खान पुत्र सवीउल्लाह वर्तमान में बरेली के प्रेम नगर थाने में रह रहे थे। पिछले दो वर्षों से वह रामपुर के स्वार कोतवाली में तैनात थे।

बताया जा रहा है। नायाब खान की पत्नी फेमिना खान द्वारा उनके फोन से संपर्क करने किया गया। तो मोबाइल स्वीच आफ मिला। वही परिजनों कोतवाली प्रभारी निरीक्षक कुलदीप कुमार से संपर्क किया तो दोपहर लगभग 12 बजे उन्होने कमरे में जाकर देख तो कमरा अंदर से बंद था। जिस पर उन्हें संदेह हुआ। जिसके बाद सरकारी क्वार्टर सी- 2 के पीछे की खिड़की में झांकर देखा तो उप निरीक्षक नायाब खान फांसी के फंदे से लटके हुए थे। उन्होंने तत्काल इसकी सूचना एसपी सहित अन्य अधिकारियों को दी।

