P Sharma
गोंडा।एआरटीओ (प्रशासन) आर.सी. भारतीय ने बताया है कि राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अवसर पर सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा स्कूली बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संभागीय परिवहन कार्यालय, गोण्डा में स्कूली वाहनों के फिटनेस कैम्प का आयोजन किया गया। इस कैम्प में विभिन्न विद्यालयों से जुड़े स्कूली वाहनों की फिटनेस जांच की गई तथा वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की गईं।
कैम्प के दौरान वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करने, वाहन की नियमित जांच, निर्धारित गति सीमा, सुरक्षित ड्राइविंग आदतों एवं बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मानकों के बारे में विस्तार से बताया गया। अधिकारियों द्वारा बताया गया कि स्कूली वाहन न केवल तकनीकी रूप से फिट होने चाहिए, बल्कि उनके चालक भी पूरी तरह प्रशिक्षित, सजग और जिम्मेदार होने चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।
इस अवसर पर सभी स्कूली वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा की शपथ दिलाई गई, जिसमें उन्होंने स्वयं यातायात नियमों का पालन करने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया। शपथ के पश्चात चालकों को कैशलैस उपचार योजना एवं राहवीर योजना के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
अधिकारियों ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को “गोल्डन आवर” के दौरान नजदीकी अस्पताल तक पहुंचाने में सहायता करता है, तो उसे परिवहन विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से 25,000 रुपये का पुरस्कार प्रदान किया जाता है तथा उसे “राहवीर” के रूप में सम्मानित किया जाता है। साथ ही घायल व्यक्ति को कैशलैस उपचार की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है, जिससे समय पर उपचार संभव हो सके और जान बचाई जा सके।
सभी वाहन चालकों से अनुरोध किया गया कि वे कैशलैस उपचार योजना एवं राहवीर योजना की जानकारी अपने स्तर से अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं, ताकि आमजन बिना किसी भय के दुर्घटनाग्रस्त व्यक्तियों की सहायता कर सकें। अधिकारियों ने कहा कि समाज की सक्रिय भागीदारी से ही सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली जनहानि को कम किया जा सकता है।
कार्यक्रम के अंत में यह संदेश दिया गया कि सड़क सुरक्षा केवल एक अभियान नहीं, बल्कि एक सतत जिम्मेदारी है, जिसमें प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है।

