P Sharma
नई दिल्ली।रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। अब गैस सब्सिडी और सिलेंडर बुकिंग का लाभ उठाने के लिए आधार आधारित ई-केवाईसी कराना अनिवार्य हो गया है। सरकार ने बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन को जरूरी कर दिया है, ताकि फर्जी कनेक्शनों पर रोक लगाई जा सके और सही लाभार्थियों तक सब्सिडी पहुंच सके। हालांकि, इस प्रक्रिया को लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं है। अब आप घर बैठे अपने मोबाइल फोन के जरिए ही कुछ आसान स्टेप्स में महज 2 मिनट के भीतर ई-केवाईसी पूरा कर सकते हैं। आगे जानिए इसका पूरा तरीका और जरूरी जानकारी।
यह लक्ष्य स्पष्ट है * बिचौलियों का खेल खत्म करना और असली हकदार तक उसका फायदा पहुंचाना।*
मास्टर प्लान
प्रशासन ने यह सख्ती किसी को परेशान करने के लिए नहीं, बल्कि सिस्टम को पारदर्शी बनाने के लिए की है। इसके पीछे तीन मुख्य वजहें हैं।
फर्जी खातों का सफाया: एक ही आईडी पर चल रहे कई अवैध कनेक्शनों को सिस्टम से बाहर करना।
कालाबाजारी पर ताला: सिलेंडरों की अवैध जमाखोरी और बाजार में ऊंचे दामों पर बिक्री को रोकना।
हकदार को मिले लाभ: यह सुनिश्चित करना कि सरकार का पैसा किसी गलत जेब में न जाकर सीधे असली उपभोक्ता के खाते में जाए।
अच्छी बात यह है कि केवाईसी के लिए आपको लंबी कतारों में लगने की जरूरत नहीं है। आप अपने सोफे पर बैठकर मोबाइल के जरिए यह काम चुटकियों में कर सकते हैं।
ऑफिशियल ऐप: अपनी गैस कंपनी (इण्डेन, एचपी या भारत गैस) का ऐप प्ले-स्टोर से डाउनलोड करें।
साइन-इन: अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से लॉग-इन करें।
फेस ऑथेंटिकेशन: ऐप में ‘e-KYC’ विकल्प चुनें। इसके लिए आपको ‘Aadhaar FaceRD’ ऐप की भी जरूरत पड़ेगी, जो चेहरे को स्कैन कर आपकी पहचान सत्यापित करेगा।
प्रक्रिया पूरी: स्क्रीन पर दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए चेहरा स्कैन करें और आपका डेटा अपडेट हो जाएगा।
चेकलिस्ट: काम शुरू करने से पहले ये चीजें रखें पास
आपका आधार कार्ड।
गैस डायरी पर लिखा कंज्यूमर नंबर।
गैस एजेंसी का नाम और आपका रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर।
बैंक खाते की जानकारी।

