P Sharma
अमेठी। उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में गैस एजेंसियों द्वारा उपभोक्ताओं के साथ बड़ी धोखाधड़ी का मामला प्रकाश में आया है। खाड़ी देशों में युद्ध की स्थिति के कारण गैस किल्लत की अफवाह का फायदा उठाते हुए एजेंसी संचालकों ने हजारों उपभोक्ताओं से बिना होम डिलीवरी दिए ही डिलीवरी शुल्क वसूल लिया। इस गंभीर मामले का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी (DM) ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
क्या है पूरा मामला?
पिछले 15 दिनों से जिले में गैस की किल्लत की आशंका के चलते एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। उपभोक्ता खुद लाइन में लगकर एजेंसी से सिलेंडर ले जा रहे हैं, लेकिन उनसे ₹967 की पूरी कीमत वसूली जा रही है।
मुख्य बिंदु: एक सिलेंडर पर डिलीवरी चार्ज लगभग ₹27 से अधिक है।
जिले में कुल 4.41 लाख सामान्य और 1.50 लाख उज्ज्वला योजना के उपभोक्ता हैं।
प्रतिदिन करीब 5,600 से 6,000 सिलेंडरों की खपत होती है।
अनुमान के मुताबिक, पिछले 15 दिनों में बिना सेवा दिए ₹30 लाख से अधिक की अवैध वसूली की गई है।
प्रशासनिक कार्रवाई और टीम का गठन
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी संजय चौहान ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि कोई उपभोक्ता स्वयं एजेंसी से सिलेंडर लेता है, तो उसे डिलीवरी शुल्क देने की आवश्यकता नहीं है।
जांच के लिए उठाए गए कदम:
विशेष टीम: अपर जिलाधिकारी (ADM) की अध्यक्षता में एक जांच टीम गठित की गई है।
तहसील स्तर पर निगरानी: सभी तहसीलों में SDM के नेतृत्व में टीमें बनाई गई हैं जो प्रतिदिन गैस एजेंसियों का औचक निरीक्षण करेंगी।
सख्त निर्देश: यदि कोई भी एजेंसी बिना होम डिलीवरी के शुल्क लेते पाई गई, तो उसका लाइसेंस निरस्त करने जैसी कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
जिलाधिकारी ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। उन्होंने आंकड़ों के साथ बताया कि जिले में गैस की कोई कमी नहीं है। पहले प्रतिदिन 6,000 सिलेंडरों की आपूर्ति होती थी, जिसे बढ़ाकर अब 7,000 कर दिया गया है।
उपभोक्ताओं के लिए सुझाव: यदि आप स्वयं गैस एजेंसी जाकर सिलेंडर ला रहे हैं, तो बिल चेक करें और निर्धारित डिलीवरी शुल्क (लगभग ₹27) कटवाकर ही भुगतान करें। किसी भी शिकायत के लिए नजदीकी तहसील या जिला पूर्ति कार्यालय में संपर्क करें।
अमेठी:गैस एजेंसियों का बड़ा खेल, बिना होम डिलीवरी वसूल लिए लाखो रुपए

