प्री पेड मीटर अनिवार्य नहीं, किसके लिए लगवाना होगा,केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने दी जानकारी

P Sharma 

आम उपभोक्ता को प्री पेड मीटर लगाने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है,यह उपभोक्ता के ऊपर निर्भर है, कि वह लगवाए की नही।कुछ ग्राहक बिल समय पर नहीं देते है,उनके लिए जरूरी हो सकता हैगरीब उपभोक्ता 5 या 10 दिन का रिचार्ज भी करा सकता है।

केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा है कि बिजली का प्री-पेड मीटर सभी ग्राहकों के लिए अनिवार्य या मैडेटरी नहीं है। हां, वैसे ग्राहक जो जान बूझ कर समय पर बिल नहीं भरते हैं, उन्हें यह मीटर लेने के लिए मजबूर किया जा सकता है।
बिजली के उपभोक्ताओं या कंज्यूमर के लिए प्री-पेड मीटर लगवाना जरूरी नहीं है। यह ग्राहकों के मन पर निर्भर करता है कि वह प्री-पेड मीटर लगवाए या पोस्ट-पेड मीटर। किसी को प्री-पेड मीटर लगवाने के लिए बिजली वितरण कंपनी मजबूर नहीं करेगी। यह जानकारी सरकार ने संसद में दी है।
केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने गुरुवार को लोकसभा में पश्न काल के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने एक पूरक प्रश्न का जवाब देते हुए उस दावे का खंडन किया कि केंद्र सरकार बिजली ग्राहकों को प्री-पेड मीटर लगवाने के लिए दवाब डाल रही है। ऐसा दावा किया जा रहा है कि कुछ निजी बिजली वितरण कंपनियों के फायदे के लिए सरकार ऐसा कर रही
बिजली के उपभोक्ता तो गरीब और अमीर सभी हैं। गरीब लोग महीने भर का एडवांस पैसा भर कर रिचार्ज कैसे कराएंगे? इस समस्या पर केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने कहा कि दिहाड़ी मजदूरों एवं गरीब लोगों के लिए छोटे, फ्लेक्जिबल रिचार्ज के ऑप्शन भी होंगे। ये पांच से 10 दिन के रिचार्ज होंगे।
हालांकि, खट्टर ने कहा कि कुछ ऐसे दागी उपभोक्ता भी हैं जो जान-बूझ कर बिजली का बिल नहीं भरते या समय पर नहीं भरते। ऐसे हैबिचुअल डिफॉल्टर्स के लिए प्री-पेड मीटर लगाना अनिवार्य हो सकता है। क्योंकि इनकी वजह से बिजली वितरण कंपनियां आर्थिक दवाब में रहती हैं। उनका कहना है कि बिजली वितरण कंपनियां व्यवसायिक तरीके से काम करती हैं।

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