P Sharma
उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग में एक बहुत बड़ा फर्जी वाड़ा सामने आया है, जो एक्स-रे टेक्निशियन भर्ती-2016 का है। आरोप लगा है कि अर्पित सिंह नाम का व्यक्ति 6 अलग-अलग जिलों में नौकरी कर रहा है। इस मामले में लखनऊ के वजीरगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। फिलहाल इस मामले में जांच जारी है।
उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में बड़ा मामला सामने आया है। आरटीआई से खुलासा हुआ कि एक ही नाम और पिता के नाम से छह अलग-अलग जिलों में एक्स-रे टेक्नीशियन के रूप में नियुक्ति लेकर सालों से वेतन उठाया जा रहा था।
निदेशक पैरामेडिकल डॉ. रंजना खरे की तरफ से दर्ज कराई गई एफआईआर में कहा गया है कि स्वास्थ्य विभाग में एक्स-रे टेक्नीशियन भर्ती-2016 में अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, उप्र द्वारा 403 एक्स-रे टेक्नीशियन अभ्यर्थियों को सफल घोषित करते हुए सूची उपलब्ध करायी गई थी।
दरअसल यह भर्ती अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) के माध्यम से 25 मई 2016 को हुई थी। आयोग ने उस समय 403 उम्मीदवारों की सूची जारी की थी। इसमें क्रम संख्या 80 पर अर्पित सिंह पुत्र अनिल कुमार सिंह का नाम शामिल था। लेकिन जांच में पाया गया कि इस नाम से छह अलग-अलग व्यक्तियों ने फर्जी और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर नियुक्ति हासिल की है। इस मामले में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं लखनऊ की निदेशक पैरामेडिकल डॉ. रंजना खरे की ओर से इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
यह तथ्य जांच में सामने आया कि आगरा निवासी अर्पित सिंह बलरामपुर, फर्रुखाबाद, बांदा, रामपुर,अमरोहा और शामली में तैनात था। आरोप लगा कि इन सभी ने फर्जी आधार कार्ड और कूट रचित दस्तावेज लगाकर नियुक्तियां पाई और साल 2016 से लगातार वेतन उठाते रहे थे। जिससे विभाग को करोड़ों रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है। फिलहाल इस मामले में 8 सितंबर को वजीरगंज थाने में मुकदमा दर्ज हो गया है। पुलिस ने इस मामले में धारा 419, 420, 467, 468 और 471 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने अपनी जांच भी शुरू कर दी है।

