P Sharma
मथुरा जिले के जैंत थाने में उस वक्त हंगामा मच गया जब 28 सितंबर 2025 को डीएम सीपी सिंह अचानक निरीक्षण के लिए पहुंच गए। यह मामले ने इस तरह फैला कि सोशल मीडिया पर इसकी चर्चा तेज हो गई। जैंत गांव में ग्रामसभा की भूमि पर शासकीय काम के लिए राजस्व रिकॉर्ड्स की आवश्यकता थी। थाना दिवस के मौके पर डीएम सीपी सिंह का निरीक्षण चल रहा था और लेखपाल हजारीलाल गायब मिले। तहसीलदार को फोन करके तुरंत उन्हें बुलाया गया तो फिर भी वह देर से पहुंचे, इसके अलावा वह, यूनिफॉर्म की जगह जींस पैंट और शर्ट पहनकर।
उनके पास खतौनी या राजस्व मानचित्र जैसे कोई दस्तावेज भी नहीं थे। डीएम ने जब उनसे खतौनी मांगी, तो वह कुछ नहीं दिखा सके। इस वजह से भूमि की तलाश भी नहीं हो पाई। यह देख डीएम नाराज हो गए। उन्होंने लेखपाल को फटकार लगाते हुए तुरंत सस्पेंड कर दिया। अब तहसीलदार मथुरा को जांच का जिम्मा दिया गया है और एक महीने में रिपोर्ट मांगी गई है। लेखपाल को तहसील मथुरा के भूलेख कंप्यूटर कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। इस वाकये के बाद से मथुरा के डीएम सीपी सिंह चर्चा में हैं।
55 वर्षीय चंद्र प्रकाश सिंह यानी सीपी सिंह मूल रूप से गोंडा के रहने वाले हैं। उनका जन्म 8 जुलाई 1970 को हुआ था। सीपी सिंह ने M.Sc.की डिग्री की है। PCS अधिकारी के पद से शुरू हुए सफर को सीपी सिंह ने अपनी मेहनत से IAS तक पहुंचाया। उन्होंने 2012 में यूपीपीएससी पीसीएस परीक्षा पास की थी। जिसके बाद सीपी सिंह ने बतौर पीसीएस अधिकारी कई जगहों पर काम किया। फिर 5 नवंबर 2018 को उन्हें IAS के पद पर प्रमोट कर दिया गया। सीपी सिंह वर्तमान में मथुरा के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट यानि डीएम हैं।
सितंबर 2024 में यूपी राजस्व परिषद ने लेखपालों, अमीन, राजस्व निरीक्षक और नायब तहसीलदारों के लिए सफेद शर्ट और ब्लेजर पहनना अनिवार्य किया गया था। ब्लेजर पर यूपी राजस्व परिषद का लोगो लगाना भी आवश्यक है।

