बांके बिहारी मंदिर के तोशाखाना में रविवार को फिर से खजाने की खोज हुई। मुख्य दरवाजे को ग्राइंडर से काटकर टीम और कमेटी के सदस्यों ने अंदर प्रवेश किया गया। जहां तहखाने का पता चला।
लकड़ी के 2 संदूक मुख्य दरवाजे के अंदर बने एक कमरे में मिले, जिनमें कई बर्तन, कीमती नग और सिक्के थे। एक लंबे लकड़ी के बक्से में सोने की चमचमाती छड़ी और गुलाल लगी हुई तीन चांदी की छड़ें पाई गईं।तहखाने में नीचे उतरने पर साफ-सफाई देखने को मिली। खजाने के बारे में दिनेश गोस्वामी ने बताया कि ऐसा प्रतीत होता है मानो ठाकुर जी ने होली के समय चांदी की छड़ियों से रंग खेला हो, और 4-5 दिन बाद धुरेली पर सोने की छड़ी धारण की होगी।

