P Sharma
उरई (जालौन)। कुठौंद थाना प्रभारी अरुण कुमार राय की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी बनाई गई महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा को गिरफ्तार कर रविवार को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। मृतक थाना प्रभारी की पत्नी माया राय की तहरीर पर महिला सिपाही के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था।
पुलिस के अनुसार घटना के समय मीनाक्षी शर्मा थाना परिसर स्थित आवास पर मौजूद थी और गोली चलने की सूचना देने के बाद मौके से अचानक भाग गई थी। उसके भागने का वीडियो सीसीटीवी कैमरे में कैद होने के बाद मामला और गंभीर हो गया था। माया राय ने आरोप लगाया था कि मेरे पति की हत्या की गई है, जिसके बाद महिला सिपाही के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर उसे हिरासत में लिया गया।
कड़ी सुरक्षा में कराया गया मेडिकल परीक्षण
रविवार दोपहर लगभग तीन बजे पुलिस मीनाक्षी शर्मा को कड़ी सुरक्षा के बीच प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, कुठौंद लेकर पहुंची। हालात ऐसे थे कि पूरा स्वास्थ्य केंद्र पुलिस छावनी में तब्दील नजर आ रहा था। महिला पुलिसकर्मियों ने आरोपी को चारों ओर से घेर रखा था ताकि कोई अनधिकृत व्यक्ति पास न आ सके। करीब 25 मिनट चले मेडिकल परीक्षण में डॉक्टरों ने उसके पूरे शरीर की बारीकी से जांच की। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक मेडिकल रिपोर्ट इस मामले की जांच में महत्वपूर्ण कड़ी बन सकती है।मेडिकल के बाद पुलिस उसे फिर प्राइवेट वाहन से थाने ले गई। करीब आधा घंटा थाने में रखने के बाद महिला सिपाही को पुलिस पुनः प्राइवेट गाड़ी से न्यायालय में पेश करने ले गई।
घटना की पूरी पृष्ठभूमि
शुक्रवार रात थाना प्रभारी अरुण कुमार राय की गोली लगने से मौत हो गई थी। उनका शव उनके आवास में मच्छरदानी के अंदर खून से लथपथ मिला था और पिस्टल उनके सीने पर रखी हुई थी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार घटना के तुरंत बाद मीनाक्षी शर्मा चीखते हुए थाने में आई और गोली लगने की सूचना देकर वहां से भाग गई थी।
सूत्रों से स्टाफ का कहना है कि वह करीब एक सप्ताह से निरीक्षक के आवास पर रह रही थी, जबकि उसकी तैनाती कोंच थाने में थी और वह दस दिन से ड्यूटी से गैरहाजिर थी।

