P Sharma
गोंडा। जिले से सामने आई यह खबर न सिर्फ स्थानीय प्रशासन बल्कि पूरे देश में पंचायत व्यवस्था और सार्वजनिक धन की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। वित्तीय वर्ष 2022–23 की ऑडिट रिपोर्ट में 27 ग्राम पंचायतों में कुल ₹5,08,11,997 (पाँच करोड़ आठ लाख ग्यारह हजार नौ सौ सत्तानवे रुपये) की भारी वित्तीय अनियमितता सामने आई है।
मामला क्या है ?
ऑडिट के दौरान यह पाया गया कि विकास कार्यों, सामग्री क्रय, भुगतान और अन्य मदों में नियमों की अनदेखी करते हुए सरकारी धन का गलत इस्तेमाल किया गया। इस पूरे मामले में 21 ग्राम पंचायत सचिव जिम्मेदार पाए गए हैं।
प्रशासन की कार्रवाई जिले के डीपीआरओ (District Panchayat Raj Officer) लालजी दुबे ने सभी दोषी सचिवों को वसूली नोटिस जारी कर दी है। नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि:
सभी सचिवों को एक सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण देना होगा
संतोषजनक जवाब न मिलने पर धन की वसूली की जाएगी
साथ ही अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू होगी।
खास बात यह है कि इनमें से कुछ सचिव वर्तमान में प्रयागराज, अयोध्या सहित अन्य जिलों में तैनात हैं, लेकिन कार्रवाई गोंडा में हुए कार्यों के आधार पर ही की जाएगी।
जिन ग्राम पंचायतों में अनियमितता पाई गई (ऑडिट के अनुसार): कटरा बाजार, वजीरगंज, मनकापुर, पंडरीकृपाल, इटियाथोक, मुजेहना, रुपईडीह, तरबगंज, कर्नलगंज, छपिया और बभनजोत ब्लॉकों की कुल 27 ग्राम पंचायतें इस जांच के दायरे में हैं।

