P Sharma
*LTT एक्सप्रेस में आधार QR कोड एडिट कर चल रहा था खेल, 6 केस दर्ज, संगठित गिरोह का खुलासा, UPI से हुई पेमेंट जब्त*
बस्ती, 24 जून 2026
रेलवे सुरक्षा बल बस्ती ने ‘ऑपरेशन उपलब्ध’ के तहत टिकट दलाली के बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। LTT एक्सप्रेस के S1 और S3 कोच से फर्जी आधार कार्ड और एडिटेड ई-टिकट पर यात्रा कर रहे 6 यात्रियों को पकड़ा गया है। टिकट बेचने वाला मुख्य दलाल फरार है और उसे वांटेड घोषित किया गया है।
*मंडल मुख्यालय के इनपुट पर छापा:*
वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त/लखनऊ एवं सहायक सुरक्षा आयुक्त गोरखपुर के निर्देश पर प्रभारी निरीक्षक बस्ती की टीम ने 23/24 जून की रात गाड़ी संख्या 20104 LTT एक्सप्रेस में छापेमारी की। टीम में निरीक्षक राशिद बेग मिर्जा, निरीक्षक रवि कुमार, उपनिरीक्षक प्रशांत सिंह यादव समेत RPF पोस्ट बस्ती, गोंडा और CIB स्टाफ शामिल था।
*कैसे चल रहा था फर्जीवाड़ा:*
दलाल 60 दिन पहले ओपनिंग श्रेणी में दूसरों के नाम से टिकट बुक कर लेते थे। फिर यात्रियों के आधार कार्ड में नाम और QR कोड एडिट कर देते थे। टिकट में भी नाम बदलकर उसे असली कीमत से दोगुने दाम पर बेच देते थे।
*S1-S3 कोच से 6 यात्री पकड़े गए:*
टीम ने S1 कोच की बर्थ संख्या 2, 3, 5, 6, 40 और S3 की बर्थ 32 पर यात्रा कर रहे यात्रियों को पकड़ा। M-Aadhaar ऐप पर जांच में सभी के आधार कार्ड फर्जी निकले। तीनों PNR – 2454697539, 2735388863, 2950756942 पर बस्ती से LTT तक के टिकट बुक थे।
*₹18 हजार ज्यादा वसूले:*
इन टिकटों का कुल किराया ₹11,866 था, लेकिन दलाल ने 6 यात्रियों से UPI के जरिए कुल ₹23,900 वसूल लिए। यानी ₹18,034 ज्यादा लिए गए। यात्रियों ने बताया कि उन्होंने मुंबई और बस्ती में अपने मित्र/रिश्तेदारों के जरिए अज्ञात दलाल से टिकट खरीदा था।
*पकड़े गए यात्रियों के नाम:*
1. सुनील गुप्ता, 43 वर्ष, बोरीवली मुंबई
2. रीना गुप्ता, 38 वर्ष, बोरीवली मुंबई
3. सतेंद्र सिंह, 39 वर्ष, संतकबीरनगर
4. हरिकेश यादव, 35 वर्ष, संतकबीरनगर
5. फैजान अहमद, 25 वर्ष, संतकबीरनगर
6. ईश्वरचंद, 34 वर्ष, महाराजगंज
*9 केस दर्ज, सबूत जब्त:*
बल पोस्ट गोंडा पर CR No 895/26 से 903/26 तक U/S 142, 137, 143 RA के तहत 9 केस दर्ज किए गए हैं। फर्जी आधार, टिकट, चैट और UPI पेमेंट के सबूत जब्त कर लिए गए हैं। दलाल के खिलाफ CR No 900, 901, 903/26 U/S 143 RA दर्ज है।
*RPF का बयान:*
RPF के अनुसार यह संगठित गिरोह का काम है। दलाल दूसरे यात्रियों के नाम पर बुक टिकटों में फेरबदल कर उन्हें ऊंचे दामों पर बेच रहे हैं। इससे रेलवे प्रणाली प्रभावित हो रही है और असली यात्रियों को कन्फर्म सीट नहीं मिल पाती।
रेलवे सुरक्षा बल का स्पेशल अभियान है जो टिकट दलालों, कालाबाजारी और अवैध टिकट बिक्री पर रोक लगाने के लिए चलाया जाता है। इसमें तकनीकी टीम IRCTC और आधार डेटा से मिलान कर फर्जीवाड़ा पकड़ती है।

