गोंडा में प्रिंसिपल को डिजिटल अरेस्ट कर 21.30 लाख लूटे, बोले- RBI में पैसा सुरक्षित रहेगा

P Sharma 

व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर ED-CBI का खौफ दिखाया, RBI-SEBI-NIA के फर्जी लेटर भेजे; दो बैंकों से RTGS कराई

गोंडा। साइबर ठगों ने मालवीय नगर निवासी एक निजी स्कूल की प्रिंसिपल को डिजिटल अरेस्ट के जाल में फंसाकर 21 लाख 30 हजार 600 रुपये की बड़ी ठगी कर ली। ठगों ने व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर खुद को जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर मनी लॉन्ड्रिंग में फंसाने और गिरफ्तारी वारंट की धमकी दी।

पीड़िता वीना श्रीवास्तव (40) की तहरीर पर 10 अक्टूबर को शाम 6:30 बजे साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की विवेचना साइबर थाना प्रभारी सत्य प्रकाश यादव को सौंपी गई है।

व्हाट्सएप वीडियो कॉल से शुरू हुआ जाल –
FIR के मुताबिक 9 अक्टूबर को वीना श्रीवास्तव के मोबाइल पर 7429557353 नंबर से व्हाट्सएप वीडियो कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को जांच एजेंसी का प्रतिनिधि बताते हुए कहा कि उनका नाम वित्तीय धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े मामले में आया है।

आरोपी ने कहा कि ICICI बैंक में उनके नाम पर 24 लाख रुपये का संदिग्ध लेनदेन मिला है। वीना ने बताया कि ICICI में उनका कोई खाता ही नहीं है, लेकिन ठगों ने लगातार मानसिक दबाव बनाया और गिरफ्तारी वारंट जारी होने की धमकी दी।

RBI, SEBI, NIA के नाम पर भेजे फर्जी पत्र –
भरोसा जीतने के लिए ठगों ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), SEBI और NIA के नाम के फर्जी लेटरहेड पर कथित सरकारी पत्र भेजे। कहा कि जांच पूरी होने तक आपकी जमा पूंजी RBI के सरकारी खाते में सुरक्षित रखी जाएगी, सत्यापन के बाद रकम वापस कर दी जाएगी।

डर और दबाव में आकर प्रिंसिपल ने आरोपियों के बताए खातों में रकम ट्रांसफर कर दी।

दो बैंकों से लूटे 21.30 लाख –
पीड़िता ने शिकायत में बताया कि ठगों ने RTGS के जरिए कुल 21,30,600 रुपये ट्रांसफर कराए –

– उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक से – 14 लाख 300 रुपये
– बैंक ऑफ बड़ौदा से – 7 लाख 30 हजार 300 रुपये

रकम मिलते ही आरोपियों ने सभी नंबर बंद कर संपर्क तोड़ लिया, तब पीड़िता को ठगी का एहसास हुआ।

पुलिस जांच में जुटी –
साइबर थाना प्रभारी सत्य प्रकाश यादव ने बताया कि पीड़िता से बैंक लेनदेन का पूरा विवरण और व्हाट्सएप चैट का रिकॉर्ड मांगा गया है। बैंक खातों और कॉल डिटेल के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है।

पुलिस की अपील:
कोई भी असली जांच एजेंसी व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर डिजिटल अरेस्ट नहीं करती, न ही RBI के नाम पर पैसा जमा करने को कहती है। ऐसी कॉल आते ही तुरंत फोन काटें और 1930 पर शिकायत करें।

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