P Sharma
वरिष्ठ पत्रकार सुलेमान की मौत के बाद टूट गया था परिवार, श्रमजीवी पत्रकार यूनियन की पहल पर मिला सहारा
गोंडा।वो जिंदगी भर दूसरों का दर्द लिखता रहा, लेकिन जब खुद पर मुसीबत आई तो खामोशी से चला गया। ग्राम गढ़ी मोतीगंज, मनकापुर निवासी वरिष्ठ पत्रकार सुलेमान अब इस दुनिया में नहीं रहे। गंभीर बीमारी ने 15 सितंबर को उनकी जिंदगी की डोर छीन ली।
सुलेमान कोई बड़ा नाम नहीं थे, वो उस जमीन के पत्रकार थे जो भूखे पेट भी सच लिखने से नहीं डरते। श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के सदस्य सुलेमान के जाते ही उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पीछे रह गईं उनकी बेसहारा पत्नी सायरा बानो, जिनके सामने अंधेरा ही अंधेरा था।
यूनियन बना परिवार –
इस मुश्किल घड़ी में श्रमजीवी पत्रकार यूनियन ने बड़े भाई का फर्ज निभाया। यूनियन के आग्रह पर जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने मानवता की मिसाल पेश की।
आज कलेक्ट्रेट में रोती-बिलखती सायरा बानो को जिलाधिकारी ने –
1. आपदा राहत से 20 हजार रुपये का चेक
2. पारिवारिक लाभ योजना के तहत 30 हजार रुपये सीधे खाते में
3. विधवा पेंशन की स्वीकृति
4. और अंत्योदय कार्ड बनवाने का आश्वासन दिया।
इससे पहले 15 सितंबर को ही श्रमजीवी पत्रकार यूनियन गोंडा की टीम खुद सुलेमान के घर पहुंची थी और 25 हजार रुपये नगद देकर परिवार को ढांढस बंधाया था।
एक पत्रकार जो जिंदगी भर दूसरों के हक की लड़ाई लड़ता रहा, आज उसी के परिवार के हक के लिए पूरा पत्रकार जगत खड़ा हो गया।
श्रमजीवी पत्रकार यूनियन ने इस मानवीय सहयोग के लिए जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन का दिल से आभार व्यक्त किया है।

