झांसी की माटी का लाल,मेहनौन की उम्मीद – 30 साल वर्दी में सेवा,अब जनसेवा में समर्पित महेंद्र कुमार,व्यापार कर अधिकारी से PPS अफसर तक का गौरवशाली सफर

P Sharma 

पत्नी कमलेश निरंजन वर्मा संग मिलकर 50 हजार परिवारों के सुख-दुख के साथी, सरदार पटेल सेवा संस्थान बना गरीबों का सहारा

गोंडा/मेहनौन 

मूल रूप से झांसी उत्तर प्रदेश की वीर भूमि के रहने वाले श्री महेंद्र कुमार का जीवन संघर्ष, सफलता और सेवा का अद्भुत संगम है। एक साधारण परिवार से निकलकर तीन-तीन बार राजपत्रित अधिकारी बनने का जो कीर्तिमान उन्होंने बनाया है, वह आज के युवाओं के लिए प्रेरणा है।

तीन बार सरकारी अधिकारी बनने का रिकॉर्ड

श्री महेंद्र कुमार की प्रतिभा का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उन्होंने लगातार प्रशासनिक परीक्षाओं में सफलता पाई।

– 1990 में व्यापार कर अधिकारी, उत्तर प्रदेश के पद पर चयन

– 1993 में नायब तहसीलदार पद पर चयनित

– 1996 में पुलिस उपाधीक्षक (PPS) उत्तर प्रदेश के पद पर अंतिम रूप से चयन

1996 बैच के PPS अधिकारी के रूप में उन्होंने लगभग तीन दशकों तक उत्तर प्रदेश पुलिस को अपनी ईमानदार, निष्पक्ष और कड़क छवि वाली सेवा दी। कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के लिए उन्हें DGP उत्तर प्रदेश प्रशंसा चिन्ह (गोल्ड), गृह मंत्रालय भारत सरकार का सराहनीय सेवा पदक और महामहिम राष्ट्रपति का उत्कृष्ट सेवा पदक जैसे सर्वोच्च सम्मानों से नवाजा गया।

गोंडा में अपनी तैनाती के दौरान उन्होंने सिर्फ पुलिसिंग नहीं, बल्कि समाज को करीब से समझा। यही वजह है कि रिटायरमेंट के बाद भी उनका जनसंपर्क और जनसेवा का जज्बा दोगुना हो गया।

मानवता की मिसाल – 5 बेसहारा बच्चों को लिया गोद

वर्दी में रहते हुए हजारों परिवारों को न्याय दिलाने वाले महेंद्र कुमार ने वर्दी उतरने के बाद मानवता की सबसे बड़ी मिसाल पेश की। उन्होंने 5 बेसहारा, गरीब बच्चों को गोद लेकर उनकी पूरी शिक्षा-दीक्षा की जिम्मेदारी अपने कंधों पर ली है। आज वो बच्चे अच्छे स्कूलों में पढ़कर अपने सुनहरे भविष्य का सपना देख रहे हैं। यह कार्य सिर्फ दान नहीं, बल्कि एक सच्चे समाजसेवी की सोच को दर्शाता है।

श्रीमती कमलेश निरंजन वर्मा – मेहनौन की बहू, मेहनौन की बेटी

इस जनसेवा के पुनीत कार्य में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं उनकी धर्मपत्नी *श्रीमती कमलेश निरंजन वर्मा (जन्म 7 अगस्त 1970, शिक्षा- एम.ए. राजनीति विज्ञान)।

साल  2020 में स्थापित सरदार पटेल सेवा संस्थान, गोंडा की मुख्य ट्रस्टी के रूप में कमलेश जी ने संस्थान को जनसेवा का मंदिर बना दिया। आज इस संस्थान से 40 से 50 हजार लोग प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हैं।

संस्थान द्वारा:

– मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान

– गरीब छात्रों को आर्थिक सहायता और किताबें

– प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए फ्री लाइब्रेरी और अध्ययन कक्ष

– महिलाओं और युवाओं को रोजगार-स्वरोजगार प्रशिक्षण

– सामाजिक और सामुदायिक भवन की व्यवस्था

1000 से ज्यादा गांवों में जनसंपर्क

2019 के बाद से इस दंपति ने *मेहनौन विधानसभा के 295 क्षेत्र के लगभग 1000 से अधिक गांवों, मोहल्लों में छोटी-बड़ी बैठकें, चौपाल और जनसंपर्क* किया है। गंभीर घटनाओं पर पीड़ित परिवार के घर खुद पहुंचना, प्रशासन से न्याय दिलाना, गांधी चबूतरा कांड में 13 साल से भटक रहे परिवार को न्याय दिलाने जैसे कार्यों ने इन्हें जनता का चहेता बना दिया है। कुर्मी/पटेल समाज ही नहीं, दलित, पिछड़ा, अल्पसंख्यक और सर्व समाज में इनकी गहरी पकड़ है।

समाजवादी पार्टी से वैचारिक जुड़ाव

श्रीमती कमलेश निरंजन वर्मा ने सितंबर 2021 में सपा के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष श्री नरेश उत्तम पटेल की उपस्थिति में समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। 2022 विधानसभा में 295 मेहनौन से दावेदारी के बाद भी टिकट न मिलने पर भी उन्होंने PDA और सामाजिक न्याय की लड़ाई को गांव-गांव तक पहुंचाया।

आज मेहनौन की जनता कह रही है – ऐसा नेता नहीं, बेटा चाहिए जो वर्दी में भी सेवा करे और वर्दी के बाद भी सेवा करे। महेंद्र कुमार और कमलेश वर्मा उसी भरोसे का दूसरा नाम बन चुके हैं।

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