बाराबंकी:सिलेंडर विस्फोट से मां सहित दो बच्चो की मौत,पिता और एक मासूम की हालत गंभीर

बाराबंकी। उत्तर प्रदेश में बाराबंकी के मसौली जिले में मंगलवार शाम खाना बनाते समय छोटे सिलेंडर में आग के बाद हुये विस्फोट की चपेट मे आने से महिला व उसके दो बच्चों की मौत हो गई, वहीं पति व एक मासूम को गंभीर दशा में लखनऊ रेफर किया गया है।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि क्षेत्र के ग्राम पूरे जबर में राजमल विश्वकर्मा (38) पत्नी पिंकी (35) और अपने तीन बच्चों शिवानी (4), ओमकार (ढाई वर्ष) व दिपाली (आठ माह) के साथ रहता है। मंगलवार की शाम करीब साढ़े पांच बजे पिंकी छोटे गैस सिलेंडर पर घर के अंदर खाना बना रही थी। उसने अपनी गोद में आठ माह की दिपाली को ले रखा था, वहीं पास में ही शिवानी अपने भाई ओमकार के साथ खेल रही थी। इसी दौरान सिलेंडर में गैस रिसाव से आग लग गई। आग की चपेट में आई पिंकी चीखने चिल्लाने लगी। शोर सुनकर घर के बाहर मौजूद पति राजमल अंदर भागा और पत्नी व बच्चों को बचाने का प्रयास करने लगा लेकिन इसी दौरान सिलेंडर में विस्फोट हो गया, वहीं छप्पर जलकर नीचे गिर गया।

इस हादसे में पिंकी, दिपाली व शिवानी की आग में जलकर दर्दनाक मौत हो गई। वहीं राजमल व घर में खेल रहा ओमकार भी गंभीर रूप से झुलस गया लेकिन राजमल ओमकार को लेकर बाहर आ गया। इस घटना की जानकारी फैलते ही गांव में हड़कंप मच गया। मौके पर जुटे ग्रामीण आग बुझाने का प्रयास करने लगे। ग्रामीण व फायर बिग्रेड के प्रयास से काफी मशक्कत के बाद आग बुझी तो महिला व उसके दोनों बच्चों के जले हुए शव मिले। झुलसे ओमकार व राजमल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूचना पर पहुंची क्षेत्राधिकारी रामनगर गरिमा पंत व प्रभारी निरीक्षक सुधीर कुमार सिंह ने घटनास्थल का जायजा लिया।

इस वीभत्स हादसे में पत्नी व दो बच्चों को खोने के बाद गंभीर दशा में जिला अस्पताल ले जाया गया पति राजमल जार जार रोता रहा। गंभीर रूप से झुलसा होने के बाद भी वह यही कहता रहा कि भगवान कोई हमका भी जहर दई दे, अब कुछौ नाई बचा है। हालांकि हालत बिगड़ते देख राजमल व उसके ढाई साल के बेटे ओमकार को लखनऊ रेफर कर दिया गया। इसके बावजूद उसकी बातें जिसने सुनी वह द्रवित हो गया। गांव में सभी उस मनहूस घड़ी को कोसते रहे, जब यह हादसा सामने आया। 

घटना को लेकर ग्रामीणों में शोक पसर गया और जिसने इस हादसे के बारे में सुना सभी ने पीड़ित परिवार के प्रति सांत्वना जताई पर राजमल के परिवार में एक बालिका के बचने की चर्चा भी तेज रही। बताया जाता है कि पूरा परिवार इस समय पूरे जबर गांव में मौजूद था, जो हादसे का शिकार हुआ लेकिन राजमल की एक बेटी अपने मामा के यहां गई हुई थी, जिससे उसकी जिन्दगी दांव पर नही लगी। हालांकि घटना की जानकारी होेते ही राजमल की ससुराल पक्ष से सभी लोग मौके पर आ गए।

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