गोंडा:प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना: बुढ़ापे में किसानों को ₹3000 मासिक पेंशन का भरोसा

P Sharma 

18 से 40 वर्ष आयु वाले किसान करा सकते हैं पंजीकरण, आधा प्रीमियम सरकार उठाएगी

जून 2025 तक 2.52 लाख किसानों को मिल चुका है योजना का लाभ

योगी सरकार किसानों को आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन देने के लिए कर रही निरंतर प्रयास

गोण्डा – किसानों को वृद्धावस्था में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने और उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर देने के लिए केन्द्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना की शुरुआत की है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू की गई इस योजना को उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पूरी तत्परता से लागू किया जा रहा है। योजना का उद्देश्य है कि किसान अपनी पूरी जिंदगी मेहनत करने के बाद बुढ़ापे में आर्थिक संकट से जूझने के लिए किसी के सामने हाथ न फैलाएं, बल्कि आत्मनिर्भर रहकर गरिमामय जीवन व्यतीत कर सकें।

इस योजना के अंतर्गत 60 वर्ष की आयु पूरी करने वाले किसानों को प्रतिमाह ₹3000 की पेंशन दी जाती है। इस प्रकार सालाना ₹36 हजार की नियमित सहायता राशि उनके जीवन-यापन का आधार बनती है। यह योजना किसानों के लिए सामाजिक सुरक्षा कवच की तरह है, जो उन्हें भविष्य की चिंता से मुक्त करती है।

18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के किसान इस योजना में पंजीकरण करा सकते हैं। पंजीकरण के बाद किसानों को उनकी आयु के अनुसार प्रीमियम देना होता है। 18 वर्ष की आयु वाले किसानों को केवल ₹55 मासिक और 40 वर्ष की आयु वाले किसानों को ₹200 मासिक प्रीमियम देना होगा। खास बात यह है कि इस प्रीमियम का आधा हिस्सा किसान खुद वहन करता है और शेष आधा सरकार जमा करती है। यह अंशदायी व्यवस्था किसानों पर अतिरिक्त बोझ डाले बिना उन्हें भविष्य के लिए सुरक्षित करती है।

जो किसान पहले से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ ले रहे हैं, उन्हें इस योजना में पंजीकरण के लिए अलग से कागजी कार्यवाही की जरूरत नहीं होती। उनके सभी दस्तावेज पहले से उपलब्ध होने के कारण प्रक्रिया और भी आसान हो जाती है। पंजीकरण कराने के इच्छुक किसान अपने नजदीकी जनसेवा केंद्र पर जाकर नामांकन करा सकते हैं।

यह योजना पूरी तरह स्वैच्छिक और अंशदायी पेंशन योजना है, जिसमें महिला और पुरुष दोनों किसान शामिल हो सकते हैं। यह विशेष रूप से लघु एवं सीमांत कृषकों के लिए लाभकारी सिद्ध हो रही है, क्योंकि इन्हें अक्सर वृद्धावस्था में आय का स्थायी साधन नहीं मिल पाता।

प्रदेश सरकार के प्रयासों का परिणाम है कि जून 2025 तक 2.52 लाख से अधिक किसानों को योजना के अंतर्गत कार्ड जारी कर लाभान्वित किया जा चुका है। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में प्रदेश का हर पात्र किसान इस योजना से जुड़कर सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित कर सके।

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