P Sharma
एलन मस्क का सपना सिर्फ धरती तक सीमित नहीं है,उनका असली मिशन है इंसानियत को “मल्टी-प्लानेट स्पीशीज़” बनाना,इसी विज़न के तहत उन्होंने साल 2050 तक मंगल ग्रह पर एक पूरी तरह से विकसित सिटी बसाने की योजना बनाई है। मस्क के अनुसार, भविष्य की सिटी में लोग काँच के विशाल गुंबदों (glass domes) के अंदर रहेंगे, जहाँ उन्हें सांस लेने योग्य हवा, नियंत्रित तापमान और धरती जैसी सुविधाएं मिलेंगी।
इन गुंबदों के बाहर, शुरू में मंगल का वातावरण इंसानों के लिए खतरनाक रहेगा ,क्योंकि वहाँ की हवा में ऑक्सीजन नहीं है और तापमान बेहद कम होता है। लेकिन मस्क का कहना है कि इन गुंबदों के अंदर रहकर इंसान “terraforming” नाम की प्रक्रिया शुरू करेंगे — यानी धीरे-धीरे मंगल के वातावरण को धरती जैसा बनाने की कोशिश।
इस प्रक्रिया में वे पौधे उगाएंगे, वातावरण में ऑक्सीजन छोड़ेंगे और तापमान बढ़ाने के लिए विशेष तकनीकें अपनाएंगे। उनका लक्ष्य है कि आने वाले कई दशकों में मंगल की सतह पर ऐसा माहौल बनाया जाए जहाँ इंसान बिना स्पेस सूट के चल सके।
मस्क की कंपनी SpaceX इसके लिए पहले ही कई स्टेप्स पर काम कर रही है — जैसे कि Starship रॉकेट, जो भारी मात्रा में इंसान और सामान लेकर मंगल तक जा सकता है। मस्क का अनुमान है कि 2050 तक हजारों Starship उड़ानें भरेंगी और करीब 10 लाख लोगों को मंगल पर बसाने का प्रयास किया जाएगा।
उनकी कल्पना है कि यह शहर ऊर्जा के लिए सौर पैनलों पर निर्भर होगा, वहाँ खाने के लिए हाइड्रोपोनिक फार्मिंग की जाएगी, और सभी गुंबदों के बीच में ट्रांसपेरेंट टनल्स होंगी जिनसे लोग एक जगह से दूसरी जगह जा सकेंगे।
एलन मस्क का यह सपना आज भले ही किसी साइंस-फिक्शन फिल्म जैसा लगे, लेकिन SpaceX के निरंतर प्रयोग यह साबित करते हैं कि वह इसे हकीकत में बदलने की दिशा में बहुत तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं।

