एटा। 8 साल के बच्चे ने अपनी मां का पोस्टमॉर्टम कराया। वह लाश के पास बैठा काफी देर तक बिलखता रहा। कभी वह कफन में लिपटी मां की लाश को देखता तो कभी अपने आंसू पोछता।जो लोग भी थे वे अपने आंसू नहीं रोक पाए ,बेहद दुखद और दिल को छू जाने वाला दृश्य था।
एचआईवी से संक्रमित रहे पिता की एक साल पहले मौत हो चुकी है। अब मां ने भी उसी बीमारी से दम तोड़ दिया। मां-पिता की मौत के बाद बेटा ही घर में बचा है।
लाश को कंधा देने वाला कोई नहीं था। 16 घंटे बाद कुछ रिश्तेदार पहुंचे। तब पंचनामा के लिए गवाहों का इंतजाम हो सका। एक इंस्पेक्टर ने मृत महिला के अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी उठाई है। बच्चे ने अपने पट्टीदार के लोगों से ही अपनी जान को खतरा बताया है। उसने कहा- परिवार वाले मेरी जमीन हड़पना चाहते हैं। मुझे जान का खतरा है।
मामला जैथरा थाना क्षेत्र के नगला धीरज गांव का है। 44 साल की एक महिला घर में 8 साल के बेटे और 12 साल की बेटी के साथ रहती थी। एक साल पहले पति की HIV से मौत हो गई थी। तभी से महिला भी बीमार थी। 8 दिनों से महिला का वीरांगना अवंती बाई मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा था।
14 जनवरी की रात 10 बजे उसने दम तोड़ दिया। मां की मौत के बाद आठ साल का बेटा सुबह 7 बजे मां का शव लेकर पोस्टमॉर्टम कराने अकेला ही जिला मुख्यालय पहुंचा।

