P Sharma
झांसी । सरकारी टीचर ने पिया टॉयलेट क्लीनर, मौतः प्रिंसिपल पति बोले-मेरी गोद में दम तोड़ रही थी मेरी रूप, हम कुछ नहीं कर पाए झांसी में सरकारी स्कूल की महिला टीचर ने टॉयलेट क्लीनर पी लिया, हालात बिगड़ी तो प्रिंसिपल पति से बोलीं कि मेरी हालत बिगड़ रही है, मुझे बचा लो। पति और बच्चे उन्हें मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां टीचर ने इलाज के दौरान पति की गोद में बचाने की गुहार लगाते-लगाते दम तोड़ दिया। घटना नवाबाद थाना क्षेत्र के सनफ्रांन हाउसिंग सोसायटी की है।
मोठ के प्राथमिक विद्यालय में सरकारी टीचर रूपा राठौर (45) सनफ्रांन हाउसिंग सोसायटी में पति और दो बच्चों के साथ रहती थीं। रूपा के पति संजय राठौर भी मोठ के सरकारी केसीपी इंटर कॉलेज में प्रिंसिपल हैं। रात को पूरे परिवार ने साथ बैठकर खाना खाया। संजय अपने बेटे वैभव के साथ एक कमरे में सोने चले गए, जबकि रूपा बेटी श्रष्टि के साथ दूसरे कमरे में सो गईं। पति संजय ने बताया कि सुबह पांच बजे रूपा उनके कमरे में आईं और बोलीं कि मैंने टॉयलेट क्लीनर पी लिया है, मेरी तबियत बिगड़ रही है, मुझे अस्पताल ले चलो। इसके बाद संजय और बच्चे उन्हें लेकर पहले एक निजी हॉस्पिटल में पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने रूपा की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें भर्ती करने से इनकार कर दिया।
इसके बाद पति उन्हें महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे। संजय ने बताया कि इमरजेंसी में करीब दो घंटे इलाज हुआ तो रूपा की हालत स्थिर हो गई थी। इसके बाद उन्हें इमरजेंसी से जनरल वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। यहां रूपा होश में थीं और पति से बार-बार उन्हें बचा लेने की बात कर रही थीं। लेकिन वार्ड में इलाज के दौरान उनकी हालत फिर से बिगड़ी और उन्होंने पति की गोद में दम तोड़ दिया। जिसके बाद पुलिस ने शव का पंचनामा भर कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
मां का शव देख पिता से लिपट कर रोए बच्चे रूपा और संजय राठौर के दो बच्चे हैं। उनकी बड़ी बेटी श्रष्टि ने अभी 12वीं की परीक्षा दी है। वहीं, बेटा वैभव 7 वीं क्लास में पढ़ता है। मां के साथ मेडिकल कॉलेज पहुंचे बच्चों ने जब मां का शव देखा तो वह अपने पिता से लिपट कर रो दिए।
वहीं, पति संजय के आंसू भी नहीं रुक रहे थे। वह ये कहकर जमीन पर निढाल होकर बैठ गए कि “मैं अपनी रूपा को नहीं बचा पाया। मैं पत्नी पर सबकुछ वार देता लेकिन भगवान ने चार घंटे में उसे छीन लिया”। यहां सूचना मिलते ही मेडिकल कॉलेज पहुंचीं रूपा की मां भी बेटी के शव को देखकर उससे लिपट कर रो दीं।
मानसिक तनाव में थीं टीचर
मृतक टीचर रूपा के पति ने बताया कि लगभग चार साल पहले पत्नी की किडनी में खराबी आ गई थी। जिसका इलाज चल रहा था। उन्होंने इलाज के लिए कर्ज भी लिया और अबतक दस लाख रुपए भी खर्च कर चुके हैं लेकिन उन्हें आराम नहीं मिला रहा था।
इस बीमारी के चलते रूपा का मानसिक स्वास्थ्य भी गड़बड़ाने लगा, जिसका इलाज वह जिला अस्पताल के मनोरोग विभाग में करा रहे थे। कल ही वह डॉक्टर को दिखवाकर आए थे और आज पत्नी ने ये कदम उठा लिया।
पति बोले-बेटी के रिजल्ट के बाद घूमने जाने का प्लान था मृतक टीचर रूपा के पति संजय राठौर ने बताया कि पत्नी से उनकी दो दिन पहले बात हुई तो उन्होंने कहा कि बेटी का 12वीं का रिजल्ट आने के बाद हम लोग परिवार के साथ घूमने चलेंगे। बोले, उन्हें इस बात का जरा भी अहसास नहीं था कि पत्नी इतना बड़ा कदम उठा लेगी। बोले हमारा तो सबकुछ खत्म हो गया।

