हजरत बाबा खदरा शाह रहमतुल्लाह अलैह वारसी का उर्स मुबारक धूमधाम से मनाया गया, दरबार में उमड़ा आस्था का सैलाब

गोंडा, उत्तर प्रदेश – सिविल लाइन शहर गोंडा स्थित हजरत बाबा खदरा शाह रहमतुल्लाह अलैह वारसी के आस्ताने पर इस साल भी उर्स मुबारक बड़े ही एहतराम और जोश के साथ मनाया गया।

इतिहास के मुताबिक हजरत बाबा खदरा शाह की आमद सन् 1599 ईस्वी / 1035 हिजरी में हुई और वफ़ात सन् 1605 ईस्वी / 1040 हिजरी में हुई। हर साल की तरह इस साल भी जायरीन दूर-दूर से हाजिरी देने पहुंचे।
वली-ए-कामिल हजरत बाबा खदरा शाह की शान में लोग कहते हैं कि उनके दरबार में फैज की दरिया बहती है। अकीदतमंदों का मानना है कि यहां आने वाले हर शख्स की मिन्नत-मुराद पूरी होती है। उनकी करामात की कोई मिसाल नहीं।

उर्स के मौके पर कव्वाली, कुलख्वानी, चादरपोशी और लंगर का आयोजन हुआ। माहौल पूरी तरह रूहानी रहा और गोंडा शहर में गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल देखने को मिली।

