P Sharma
देवरिया जिले की निलंबित बेसिक शिक्षा अधिकारी शालिनी श्रीवास्तव को जून 2026 में दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया गया है। 22 फरवरी 2026 को मुकदमा दर्ज होने के बाद से वह करीब 4 महीने से फरार चल रही थीं।
*गिरफ्तारी कैसे हुई:*
गोरखपुर पुलिस को इनपुट मिला कि शालिनी श्रीवास्तव दिल्ली में छिपी हैं। टीम ने घेराबंदी करके मंगलवार रात उन्हें गिरफ्तार किया। गोरखपुर के एसपी सिटी निमिष पाटिल ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है।
फरार रहने के कारण उन पर पहले 10 हजार और बाद में 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। कोर्ट ने गैर-जमानती वारंट भी जारी किया था। मई 2026 के अंत में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा था कि “सरकारी दफ्तर को आदेश बेचने की दुकान नहीं बनने देंगे।”
*क्या है पूरा मामला:*
1. *शिक्षक की आत्महत्या*: कुशीनगर के रहने वाले सहायक अध्यापक कृष्ण मोहन सिंह ने 20 फरवरी 2026 की रात गोरखपुर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। वे देवरिया के गौरी बाजार में तैनात थे।
2. *सुसाइड नोट में आरोप*: मृतक के पास से 4 पन्नों का सुसाइड नोट, वीडियो और ऑडियो मिले। आरोप है कि हाई कोर्ट के आदेश को लागू करने के बदले BSA शालिनी श्रीवास्तव और बाबू संजीव सिंह ने उनसे और दो अन्य शिक्षकों से 16-16 लाख यानी कुल 48 लाख रुपये रिश्वत मांगी थी।
3. *उत्पीड़न*: सुसाइड नोट के मुताबिक शिक्षकों ने गहने गिरवी रखकर और लोन लेकर पैसे दिए। फिर भी 20 फरवरी को BSA दफ्तर बुलाकर और पैसों के लिए अपमानित किया गया। उसी रात शिक्षक ने खुदकुशी कर ली।
शिक्षक की पत्नी की तहरीर पर गुलरिहा थाने में शालिनी श्रीवास्तव, बाबू संजीव सिंह व अन्य के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज हुआ था। घटना के बाद शासन ने शालिनी श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया था। आरोपी बाबू संजीव सिंह अभी भी फरार है।

