नई दिल्ली:साकेत में दो महिला पत्रकारों से बदसलूकी का आरोप, 5 पत्रकार संगठनों ने की जांच की मांग

P Sharma 

*नई दिल्ली।* मैक्स अस्पताल साकेत में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के कार्यक्रम की कवरेज करने गईं दो महिला स्वतंत्र पत्रकारों से कथित मारपीट और बदसलूकी के मामले ने तूल पकड़ लिया है।

प्रेस क्लब ऑफ इंडिया, इंडियन विमेंस प्रेस कॉर्प्स, दिल्ली यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स, प्रेस एसोसिएशन और केरल यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स ने इस मामले में संयुक्त बयान जारी कर निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है।

*क्या है आरोप*

संयुक्त बयान के अनुसार पत्रकार शाहीन खान और नफीसा खान साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में नए विंग के उद्घाटन की रिपोर्टिंग कर रही थीं। आरोप है कि साकेत थाने के पुलिसकर्मियों ने दोनों के साथ मौके पर हाथापाई की और पुलिस वाहन में बैठाकर थाने ले गए।

बयान में आरोप लगाया गया है कि थाने में महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में दोनों से मारपीट की गई, उनकी धार्मिक पहचान पूछी गई और धर्म विशेष को लेकर अपशब्द कहे गए। साथ ही एफआईआर दर्ज करने की धमकी भी दी गई।

प्रेस संगठनों का कहना है कि सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में दोनों पत्रकारों के शरीर पर चोट के निशान दिखाई दे रहे हैं। दोनों पत्रकार यूट्यूब चैनल ‘फोर पीएम न्यूज नेटवर्क’ से जुड़ी बताई जा रही हैं।

*प्रेस काउंसिल से संज्ञान लेने की अपील*

सभी पांच संगठनों ने प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया से मामले का स्वत: संज्ञान लेकर स्वतंत्र जांच कराने की अपील की है। साथ ही मांग की है कि घटनास्थल और थाने के सभी सीसीटीवी फुटेज को तुरंत सुरक्षित किया जाए।

*राजनीतिक प्रतिक्रिया*

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने एक्स पर लिखा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री से सवाल पूछने पर महिला पत्रकारों को पीटा गया और एक पत्रकार की धार्मिक पहचान सामने आने के बाद हमला और तेज हो गया।

वहीं फोर पीएम न्यूज नेटवर्क ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा कि पत्रकार का गुनाह सिर्फ सवाल पूछना था और उसके शरीर पर पड़े निशान लोकतंत्र की स्थिति बता रहे हैं।

फिलहाल इस मामले में दिल्ली पुलिस की ओर से आधिकारिक बयान आना बाकी है।

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