P Sharma
गोंडा।शहर में रोजाना लगने वाले भीषण जाम से जल्द ही राहत मिलने वाली है। प्रस्तावित पश्चिमी रिंग रोड परियोजना की तैयारियां तेज हो गई हैं। मंगलवार से निर्माण क्षेत्र में भूमि चिन्हांकन शुरू कर दिया गया है और प्रभावित जमीन पर लाल निशान के पत्थर लगाए जा रहे हैं।
मंडल मुख्यालय गोंडा के चारों तरफ कुल 29 किलोमीटर लंबी रिंग रोड प्रस्तावित है, जिसके पश्चिमी हिस्से यानी 20.570 किलोमीटर लंबे मार्ग को पिछले साल नवंबर में मंजूरी मिली थी।
107 हेक्टेयर जमीन, 775 गाटों का अधिग्रहण
इस परियोजना के लिए 24 गांवों के 775 गाटों से कुल 107 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की जाएगी। परियोजना की कुल लागत 1646.98 करोड़ रुपये आंकी गई है, जिसमें से प्राथमिक कार्यों के लिए शासन ने 3.70 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं।
इस मार्ग पर तीन रेलवे ओवरब्रिज (ROB), दो बड़े पुल और पांच छोटे पुलों का निर्माण होगा।
पराग डेयरी से दत्तनगर तक जुड़ेगा मार्ग
यह पश्चिमी रिंग रोड अयोध्या रोड पर पराग डेयरी के पास से शुरू होकर कटहाघाट, लखनऊ मार्ग और बहराइच रोड होते हुए दत्तनगर के पास बलरामपुर मार्ग से जुड़ेगी। इसके बनने से बलरामपुर, बहराइच, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर, अयोध्या, बाराबंकी और लखनऊ की ओर जाने वाले वाहनों को शहर के अंदर नहीं आना पड़ेगा।
इन गांवों से होकर गुजरेगी रिंग रोड
सदर तहसील के इंदिरापुर, भदुआतरहर, पूरे ललक, दुल्लापुर खालसा, सिंघाव, पड़रीशंकर, इमरती बिसेन, रुद्रपुर बिसेन, केशवपुर पहड़वा, पथवलिया, पूरे हेमराज, कलंदरपुर चौबे, करनीपुर, मथुराचौबे, कपूरपुर, पूरे शिवाबख्तावर, झंझरी, बनवरिया, उम्मेदजोत, दत्तनगर बिसेन, कटहामाफी, हारीपुर, पड़रीकृपाल तथा कर्नलगंज के चांदपुर और दुल्लापुर तरहर गांव शामिल हैं।
एनएच के स्टेट पंकज वर्मा ने बताया कि रिंग रोड का एलाइनमेंट फाइनल हो चुका है। तहसीलों से भूमि का विवरण मिलने के बाद खातेदारों को नोटिस भेजकर अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। आपत्ति के लिए एनएच कार्यालय लखनऊ में संपर्क किया जा सकता है।

