P Sharma
दुनिया तेजी से ‘पोस्ट-स्कैर्सिटी इकोनॉमी’ की ओर, इंसानों की जगह लेंगे ह्यूमनॉइड रोबोट, यूनिवर्सल हाई इनकम का दौर आएगा
दुनिया के सबसे अमीर शख्स और टेस्ला-स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क ने एक बार फिर भविष्य को लेकर ऐसा बयान दिया है जिसने पूरी दुनिया में बहस छेड़ दी है। मस्क ने कहा है कि आने वाले कुछ सालों में आपके बैंक अकाउंट में पड़े पैसों का कोई मतलब नहीं रह जाएगा।
यह किसी साइंस फिक्शन फिल्म की कहानी नहीं, बल्कि उस भविष्य की तस्वीर है जिसे मस्क ‘पोस्ट-स्कैर्सिटी इकोनॉमी’ यानी ‘अभाव-मुक्त अर्थव्यवस्था’ कह रहे हैं।
क्या है पोस्ट-स्कैर्सिटी का मतलब?
मस्क के मुताबिक, बहुत जल्द खेती, फैक्ट्री और सर्विस सेक्टर का 90% भारी काम एडवांस ह्यूमनॉइड रोबोट और AI सिस्टम करने लगेंगे। जब किसी सामान को बनाने के लिए इंसानी मजदूरी ही नहीं लगेगी, तो उसकी उत्पादन लागत लगभग जीरो हो जाएगी। ऐसे में महंगाई, कमी और पैसे की आज की परिभाषा ही खत्म हो जाएगी।
तो फिर नया अमीर कौन होगा?
मस्क का सबसे चौंकाने वाला दावा यहीं पर है। उनके अनुसार भविष्य में अमीरी डॉलर, रुपया या सोने से नहीं मापी जाएगी। भविष्य की दो नई करेंसी होंगी –
1. एनर्जी (ऊर्जा):जब दुनिया में अरबों रोबोट और AI 24 घंटे काम करेंगे, तो उन्हें चलाने के लिए अथाह बिजली चाहिए होगी। जिसके पास सबसे ज्यादा साफ और सस्ती ऊर्जा पैदा करने और स्टोर करने की तकनीक होगी, वही दुनिया का नया सुपरपावर होगा।
2. कंप्यूटिंग पावर और दुर्लभ संसाधन: जिसके पास सबसे ताकतवर AI सुपरकंप्यूटर और लिथियम, सिलिकॉन जैसे दुर्लभ खनिज होंगे, वही दुनिया पर राज करेगा।
मस्क ने कहा कि इस दौर में इंसानों को सिर्फ जिंदा रहने के लिए नौकरी करने की मजबूरी खत्म हो जाएगी। इसकी जगह ‘यूनिवर्सल हाई इनकम’ का सिस्टम आएगा, जहां हर व्यक्ति की बुनियादी जरूरत सरकार और टेक्नोलॉजी मिलकर पूरी करेगी। लोग काम सिर्फ पैसे के लिए नहीं, बल्कि अपने शौक और रचनात्मकता के लिए करेंगे।

