P Sharma
सिर्फ मेला नहीं, सपनों की उड़ान है – जहाँ सजी महिलाओं की मुस्कान और आत्मनिर्भरता की पहचान
गोंडा। करवाचौथ और दीपावली की रौनक के बीच शहर की श्रीराम जानकी मारवाड़ी धर्मशाला शनिवार को सिर्फ एक मेला नहीं, बल्कि महिलाओं के सपनों, हौसलों और मुस्कानों का संगम बन गई। मोरपंख फैशन लाइफस्टाइल मेले में उमड़ी महिलाओं की भीड़ ने साबित कर दिया कि जब हुनर को मंच मिले तो आत्मनिर्भरता खुद-ब-खुद निखर उठती है।
रंग-बिरंगे डिजाइनर परिधानों, चमचमाती आर्टिफिशियल व सिल्वर ज्वेलरी, बंदनवार, होम डेकोर और हाथों से बनी चीजों से सजे स्टॉलों पर महिलाओं ने सिर्फ खरीदारी नहीं की, बल्कि एक-दूसरे के सपनों को सराहा।
मेले का शुभारंभ मुख्य अतिथि सीमा अग्रवाल, वेनू मोदी और गुंजन शाह ने दीप प्रज्वलित कर किया। अतिथियों ने कहा कि ऐसे आयोजन नारी शक्ति को नई पहचान देते हैं।
मुजफ्फरपुर, कानपुर, प्रयागराज, लखनऊ, भदोही और वाराणसी से आई महिला उद्यमियों ने करीब 30 स्टॉल लगाए। होममेड आइसक्रीम से लेकर रियल डायमंड ज्वेलरी तक हर चीज आकर्षण का केंद्र रही।
आयोजक नीतू मुरारका, प्रीति बाजोरिया और कविता लड्ढा ने बताया कि वाराणसी में पिछले 13 सालों से ऐसे मेलों के जरिए महिला उद्यमियों को मंच दिया जा रहा है। इसका मकसद महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार को बढ़ावा देना है। मेले के टाइटल स्पॉन्सर RALFH के मयंक चौधरी और महिमा चौधरी रहे।

