P Sharma
काठमांडू। नेपाल की छात्रा प्रकृति मल्ला की हैंडराइटिंग इन दिनों सोशल मीडिया से लेकर प्रिंट मीडिया तक चर्चा का विषय बनी हुई है। उनकी लिखावट इतनी साफ, सटीक और सुंदर है कि पहली नजर में लगता है जैसे किसी कंप्यूटर से टाइप किया गया हो। हर अक्षर अपनी तय जगह पर, शब्दों के बीच एक समान दूरी और पंक्तियों का परफेक्ट अलाइनमेंट उनकी लिखावट को खास बनाता है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार प्रकृति मल्ला सिर्फ 14 साल की थी, जब वर्ष 2016 में उनकी हैंडराइटिंग ने दुनिया भर का ध्यान खींचा था। उस समय वह बीरेंद्र सैनिक आवासीय महाविद्यालय में कक्षा 8 में पढ़ रही थीं। उनकी लिखावट की सबसे बड़ी खासियत उसका एक जैसा होना है। पूरे पेज पर अलग-अलग अक्षर एक समान आकार और आकृति में दिखाई देते हैं, जो हाथ से लिखने में बेहद मुश्किल काम है।
2017 में स्टडी इंटरनेशनल की रिपोर्ट के बाद उनकी लिखावट को ऑनलाइन खूब सराहना मिली। सोशल मीडिया यूजर्स ने तो उनकी लिखावट को डिजिटल फॉन्ट के रूप में अपनाने का सुझाव तक दे दिया था। खूबसूरत लिखावट के लिए उन्हें कई सम्मान भी मिल चुके हैं और उनकी लिखावट को दुनिया की सबसे सुंदर हैंडराइटिंग का तमगा दिया गया।
वर्ष 2021 में प्रकृति ने संयुक्त अरब अमीरात के नेतृत्व को देश के 51वें स्पिरिट ऑफ द यूनियन सेलिब्रेशन के अवसर पर बधाई पत्र लिखा था, जिसके बाद उनकी लिखावट दुनियाभर में और प्रसिद्ध हो गई।

